
डूंगरपुर। अध्यापक पात्रता परीक्षा -2018 में जनजाति उपयोजना क्षेत्र में रिक्त रही अनारक्षित वर्ग की 1167 सीटों पर जनजाति अभ्यर्थियों को नियुक्ति की मांग को लेकर दूसरे दिन भी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर गुरुवार दोपहर से शुरू हुआ प्रदर्शन शुक्रवार को और अधिक उग्र हो गया। अभ्यर्थियों के साथ शामिल प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने खेरवाड़ा बस स्टैंड तक कब्जा जमा लिया। इस दौरान दो-तीन बसों को आग लगा दी। वहीं कई दुकानों में लूटपाट व तोडफ़ोड़ भी हुई। भीड़ ने पुलिस जाप्ते को मुख्य प्रदर्शन स्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर खेरवाड़ा थाने तक खदेड़ दिया है। इधर, सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए संभागीय आयुक्त ने आदेश कर डूंगरपुर जिले में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इससे पूर्व गुरुवार देर रात भी प्रदर्शनकारियों ने मोतली मोड के पास होटल के पार्किंग में खड़ी चार-पांच कारों सहित सडक़ पर तीन-चार ट्रक-ट्रेलरों में आग लगा दी। दिनभर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष चलता रहा। पुलिस बल प्रयोग कर एक-डेढ़ किमी तक हाइवे खाली कराती और कुछ ही देर में उग्र भीड़ पथराव करते हुए वापस वहां आ जमती। शुक्रवार अपराह्न तक तो प्रदर्शनकारी खेरवाड़ा बस स्टैंड तक पहुंच गए। इस बीच मोतली मोड पर डूंगरपुर शहर की ओर वाले मार्ग पर उत्पात मचाया।
सुबह खाली कराया, दोपहर तक फिर जमे
शुक्रवार सुबह पुलिस ने आंसु गैस के गोले और रबड़ बुलेट दाग कर मोतली मोड़ से करीब डेढ़ से दो किमी तक का रोड़ खाली कराया। इसके बाद जेसीबी लगाकर सडक़ पर से पत्थर, जलती हुई गाडिय़ां आदि साइड में कराने की कवायद शुरू की। इस दौरान आसपास की पहाडिय़ों पर चढ़े प्रदर्शनकारी चित्कारें करते हुए पुलिस को ललकारते रहे। करीब एक-डेढ़ घंटे की शांति के बाद एक बार फिर उग्र भीड़ चारों ओर पहाडिय़ों से उतरकर पुलिस पर पथराव करने लगी। इस पर पुलिस को वहां से पीछे हटना पड़ा। पुलिस ने मोतली मोड सिक्स लेन पुल पर डेरा जमाया।
पुलिस अधीक्षक जय यादव भी वहां पहुंचे। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक विनीता ठाकुर से बात कर उदयपुर से मेवाड़ भील कोर, महाराणा प्रताप बटालियन, आरएसी, क्यूआरटी (क्विक रेस्पोंस टीम) आदि को बुलवाया। करीब 11 बजे बड़ी संख्या में पुलिस व अद्र्ध सुरक्षा बलों के दल वहां एकत्र होने लगे। अगले आदेश के इंतजार में जवान वहीं डटे हुए थे। करीब 12 बजे भीड़ ने यकायक फिर हमला बोल दिया। इससे पूरा जाप्ता खेरवाड़ा की ओर आ गया। इस बीच आईजी ठाकुर वहां पहुंची।
उनके निर्देश पर पुलिस फोर्स पूरी ताकत के साथ हवाई फायर करते हुए आगे बढ़ी और पुल को प्रदर्शनकारियों से मुक्त कराया, लेकिन यह स्थिति ज्यादा देर नहीं रही। थोड़ी ही देर में प्रदर्शनकारियों ने वापस पुल पर कब्जा जमा लिया और इसके बाद लगातार आगे बढ़ते रहे। खेरवाड़ा बस स्टैंड और बाजार तक प्रदर्शनकारियों की भीड़ पहुंच गई। वहां दो-तीन बसों को आग लगा दी। दुकानों, होटलों में जमकर तोडफ़ोड़ की।
कई जवान जख्मी
शुक्रवार को हुए संघर्ष में कई और जवानों को चोटें आई। वहीं गुरुवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणपति महावर, उपाधीक्षक मनोज सामरिया, बिछीवाड़ा थानाधिकारी इंद्रजीत परमार सहित करीब दो दर्जन जवान घायल हुए थे।
दिखे तबाही के मंजर
गुरुवार को रात भर हाइवे पर प्रदर्शनकारियों ने जमकर तोडफ़ोड़ की। शुक्रवार सुबह तबाही के मंजर साफ नजर आए। पूरा हाइवे बड़े-बड़े पत्थरों से अटा रहा। वहीं हर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर दुपहिया-चौपहिया वाहन तथा टायर आदि जलते नजर आए। कई ट्रक व ट्रेलर बीच सडक़ पर धूं-धूं कर जल रहे थे तो उनमें भरे माल के खाली कर्टन सडक़ पर बिखरे हुए थे। मोतली मोड के पास होटल के कांउटर, हॉल आदि में तोडफ़ोड़, पार्किंग में जली कारें आदि नजर आए।
Published on:
25 Sept 2020 08:02 pm
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