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मृत इंसान 'गौतम' आया और सरकारी कागजों पर अंगूठा लगा गया। यह हम नहीं कह रहे बल्कि डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा पंचायति समिति के कागजात कह रहे हैं। यहां कर्मचारियों की काम में एेसी लापरवाही रही कि मृत व्यक्ति के नाम से ही अंगूठा लगा दिया।
सागवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत पादरा में मार्च माह में सामाजिक अंकेक्षण ग्रामसभा में मृतक ने अंकेक्षण का सत्यापन कर दिया। ग्रामसभा में बमुश्किल 30-35 की उपस्थिति के बावजूद 200 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर व अंगूठे दर्शा दिए। वार्डपंच ने इसकी शिकायत जिला प्रमुख, कलक्टर व सीईओ को की है। जिला प्रमुख के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया है।
यह है मामला
फरवरी के अंत में पंचायतों में मनरेगा सहित पंचायतीराज योजनाओं में छह माह में कामों का सामाजिक अंकेक्षण हुआ था। 3 मार्चको ग्रामसभाओं में इसका सत्यापन हुआ। ग्राम पंचायत पादरा के वार्ड चार के वार्डपंच नाथूभाईने गत दिनों कलक्टर, जिला प्रमुख सहित अन्य को शिकायत की। इसमें बताया कि 3 मार्च को पादरा में हुई ग्रामसभा में सिर्फ30 से 35 लोग मौजूद थे।
इसके बावजूद ग्रामसभा की रिपोर्ट में 200 से ज्यादा लोगों के अंगूठे और हस्ताक्षर दर्शारखे हैं। इतना ही नहीं, गांव के गौतम नामक व्यक्ति (जॉब कार्ड संख्या 249) की एक साल पहले मृत्यु हो चुकी है, बावजूद उसका नाम ग्रामसभा में मौजूद लोगों में लिखा है। बकायदा उसके नाम के सम्मुख हस्ताक्षर भी किए हुए हैं। खुद वार्डपंच के नाम के आगे भी अंगूठा लगा है, जबकि वह हस्ताक्षर करता है।
सचिव ने कहा
पादरा सचिव वीरेंद्र जैन का कहना है कि ग्रामसभा हुई थी। किसी के फर्जी हस्ताक्षर या अंगूठा नहीं लगवाया है। वार्डपंच नाथूभाई के नाम के नीचे जिस महिला का नाम था, उसने गलती से ऊपर अंगूठा कर दिया, इससे नाथूभाई को भ्रम हुआ है। जांच में सब कुछ साफहो जाएगा। किसी मृतक के नाम से हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं।
जांच कमेटी गठित
शिकायत पर जिला प्रमुख माधवलाल वरहात ने जांच कराने के निर्देश दिए। सीईओ परशुराम धानका ने मनरेगा अधिशासी अभियंता अरुण आमेटा, सागवाड़ा विकास अधिकारी मूलाराम सोलंकी तथा पंचायत प्रसार अधिकारी भूपेंद्रसिंह की कमेटी गठित कर जांच के आदेश जारी किए हैं।
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