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राजस्थान के इस शहर की जनता गुजरात से वाहन खरीदने की है दीवानी, वजह सोचने को करेगी मजबूर

Rajasthan News : राजस्थान के इस शहर की जनता गुजरात वाहन खरीदने जाती है। वजह बेहद हैरान करने वाली है। आपको सोचने को मजबूर करेगी।

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File Photo

हरमेश टेलर

Dungarpur News : राजस्थान के इस शहर की जनता गुजरात वाहन खरीद जाती है। क्यूं, वजह जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे। गुजरात की तुलना में प्रदेश में पेट्रोल 11 रुपए और डीजल करीब एक रुपया महंगा है। लेकिन, सूबे की जनता केवल पेट्रोलियम पदार्थों पर ही अतिरिक्त टैक्स की मार नहीं झेल रहे हैं। वाहन खरीद मामले में भी सूबे की जनता पड़ोसी राज्य गुजरात की तुलना में अधिक टैक्स दे रही है। इतना ही नहीं टैक्स के साथ-साथ अन्य कई तरह के सरचार्जेंज की मार अलग से है। इन सबके चलते गुजरात से सटे राजस्थान के जिलों के कई लोग अब वाहन खरीद के लिए भी गुजरात का ही रुख कर रहे हैं।

वहीं, हरियाणा से सटे राजस्थान के जिलों के लोग भी वाहन के लिए हरियाणा ही जाते हैं। विभागीय जानकार बताते है कि पूरे देश में सर्वाधिक टैक्स एवं चार्जेज राजस्थान में ही लिए जा रहे हैं। इससे राजस्थान के वाहन लेने के इच्छुक लोग अन्य राज्यों से ला रहे हैं। इससे हर साल सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।



दक्षिणी राजस्थान का डूंगरपुर जिला गुजरात राज्य की सीमा से सटा हुआ। जिले के अधिकांश लोग पेट्रोल-डीजल के साथ वाहनों की खरीदारी भी अब गुजरात से करने लगे हैं। राजस्थान में गुजरात के मुकाबले वाहनों पर अधिक कर है। राजस्थान में वाहन क्रय करने पर 10 प्रतिशत कर लिया जाता है और इस दस प्रतिशत कर को वाहन के वास्तविक दाम में जोड़ते हुए फिर से 12.5 प्रतिशत सरचार्ज भी जोड़ा जाता है। जबकि, बात गुजरात की करें, तो केवल छह प्रतिशत कर लिया जाता है। वहीं, सरचार्ज कोई भी नहीं लिया जाता है।

ऐसे में कार और बड़े वाहन खरीदने पर यह अंतर राशि कम से कम एक लाख से अधिक की आती है। ऐसे में वाहन खरीदने के लिए गुजरात जा रहे हैं।



प्रदेश में ट्रक व सिक्स व्हीलर वाहनों को बड़ी मार दी जा रही है। प्रदेश में प्रतिवर्ष आजीविका कर लगाया जाता है। यह कर प्रति टन के हिसाब से 750 रुपए प्रतिवर्ष वसूला जा रहा है। वहीं, बडे वाहनों पर एलएसटी कर भी वसूला जा रहा है। जबकि, गुजरात में ऐसे कोई कर नहीं लिए जा रहे हैं।



प्रदेश में वाहनों पर कर अधिक होने से प्रदेश सरकार को हर वर्ष अरबों रुपए के राजस्व की चपत लग रही है। अकेले डूंगरपुर जिले से ही प्रतिवर्ष औसत 500 से अधिक वाहन गुजरात से क्रय होते हैं। अभी जिले में गुजरात पासिंग के वाहनों की संख्या करीब तीन से चार हजार तक पहुंच गई है। इसमें सभी प्रकार के वाहन हैं।



जिला परिवहन अधिकारी डूंगरपुर अनिल माथुर ने बताया कि जिले में गुजरात राज्य के कई वाहन चल रहे हैं। विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई कर उनसे भी टैक्स वसूला जा रहा है और आगे भी इनके खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।



प्रदेश-केन्द्र सरकार ने कुछ दिनों पहले पेट्रोल व डीजलों के दामों में कमी है। इसके बावजूद प्रदेश के दाम गुजरात राज्य से अधिक है। इससे अधिकांश वाहन चालक गुजरात राज्य में पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं। गुजरात में पेट्रोल के भाव 94.44 व डीजल 90.79 प्रति लीटर भाव है। जबकि, डूंगरपुर जिले में पेट्रोल के भाव 106.29 रुपए प्रति लीटर व डीजल 91.63 रुपए प्रतिलीटर भाव है। इस पर डूंगरपुर से 11.83 रुपए प्रतिलीटर पेट्रोल व डीजल एक रुपए प्रति लीटर भाव अधिक है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहन गुजरात राज्य से पेट्रोल व डीजल भरवा रहे हैं। इससे हाइवे पर कई पम्प बंद हो चुके हैं।



1- ट्रक/ मिनी ट्रक 6675
2- बस/ मिनी बस 1692
3- ऑटो रिक्शा 6245
4- ट्रेक्टर टोली 6425
5- दौपहिया वाहन 362574
6- कार/ अन्य निजी वाहन 22264
7- कार/ अन्य टैक्सियां 2429
8- अन्य 1215 ।

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