प्रभारी मंत्री को कार्यकर्ताओं ने सुनाई खरी-खोटी

Save India rally of all Indian Congress Committee : नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आगामी 14 दिसम्बर को प्रस्तावित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की भारत बचाओ रैली को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक प्रभारी मंत्री राजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में हुई तो सही लेकिन, यह हंगामे की भेंट चढ़ गई। पंचायत ब्लाक अध्यक्षों व कार्यकर्ताओं ने पंचायत पुनगर्ठन को लेकर जमकर खरी-खोटी सुनाई। मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि बैठक अपने मूल ध्येय से ही भटक गई।

 

डूंगरपुर. नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आगामी 14 दिसम्बर को प्रस्तावित अखिल
भारतीय कांग्रेस कमेटी की भारत बचाओ रैली को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (District Congress Committee ) की बैठक प्रभारी मंत्री राजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में हुई तो सही लेकिन, यह हंगामे की भेंट चढ़ गई। पंचायत ब्लाक अध्यक्षों व कार्यकर्ताओं ने पंचायत पुनगर्ठन को लेकर जमकर खरी-खोटी सुनाई। मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि बैठक अपने मूल ध्येय से ही भटक गई। ब्लॉक अध्यक्षों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दे डाली कि पंचायत समिति एवं पंचायतों के पुनगर्ठन में कोई अड़चन नहीं होने के बावजूद केवल जिले के बड़े नेताओ की आपसी तकरार की वजह से जिले की उपेक्षा की गई है। इसके चलते कोई भी कार्यकर्ता दिल्ली रैली में भाग लेने नहीं आएगा। ब्लॉक अध्यक्षों व कार्यकर्ताओ की इस चेतावनी के चलते प्रभारी मंत्री सकते में आ गये और जैसे तैसे बैठक में शांति व्यवस्था बनाये रखने के प्रयास करने लगे। इसके बावजूद काफी देर तक हंगामा चलता रहा। कार्यकर्ताओं ने जिला पदाधिकारियों तथा वरिष्ठ नेताओं पर भी आरोप-प्रत्यारोपों की झड़ी लगा दी।

रैली को सफल बनाने का आह्वान
प्रभारी मंत्री व जिलाध्यक्ष दिनेश खोडनिया ने रैली में शामिल होने के लिए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया। अध्यक्ष ने चिंता जताते हुए कहा कि कई लोग जिले एवं ब्लाक स्तर पर पद लेकर बैठे हुए हैं। लेकिन, जिला एवं ब्लाक की बैठकों में उनके दर्शन तक दुर्लभ होते हैं। पदाधिकारियों को स्वयं संभलना होगा।

ब्लॉक अध्यक्षों ने सुनाई खरी खोटी

बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष करण सिंह, कृष्णराज सिंह, भरत नागदा, पूर्व ब्लाक
अध्यक्ष हीरालाल, देवीलाल फलोत, सुरेश पाटीदार आदि कांग्रस कार्यकताओं ने प्रभारी मंत्री के समक्ष आक्रोश जताया और कहा कि जिले में तीन नवीन पंचायत समितियां गठित होनी थी। पर, एक भी नहीं बनी। अब पंचायत चुनाव में जनता के बीच किस मुंह से जाएंगे। इस तरह तो कार्यकर्ता कैसे काम करेगा। डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा ( Dungarpur and Banswara ) दोनों जिलो की उपेक्षा की गई है। गामडी अहाड़ा को पंचायत समिति क्यों नहीं बनाया गया। इसे लेकर किसी तरह की कोई आपत्ति तक दर्ज नहीं है। ग्राम पंचायतों के गठन ( Formation of Gram Panchayats ) में सौतेला व्यवहार अपनाया गया। इसकी जवाबदेही नेताओं की है। बैठक को विधायक गणेश घोघरा, जिला पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व विधायक राईया मीणा, पूर्व दरगाह कमेटी के सदर असरार अहमद, प्रियकांत पण्ड्या ने भी संबोधित किया।

Devendra Singh Reporting
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