
मनीष कलाल
चीखली (डूंगरपुर) . टेक्नोलॉजी की दुनिया में बहुत कुछ नए आविष्कार हो रहे हैं। ऐसा ही एक पॉकेट जीनियस बनाकर एक युवा ने अपने खुद की जिज्ञासा को बढ़ावा दिया हैं। डूंगरपुर जिले के छोटे से गांव चीखली में रहने वाले कक्षा बारहवीं के छात्र चयन पंड्या ने जो जीनियस कम्प्यूटर बनाया वह सामान्यत: कम्प्यूटर , लेटपॉट की तरह कार्य संपादित करता हैं। चयन सात वर्ष की उम्र से ही अध्ययन के साथ उपकरण बनाते आ रहा है। इससे पूर्व में पवनचक्की, सौर-ऊर्जा बल्ब, पावर बैंक, सबसे छोटा माइक्रोफोन आदि उपकरण बनाए हैं।
चयन की माने तो ये भारत का सबसे छोटा कंप्यूटर पॉकेट जीनियस है । यह सामान्य कंप्यूटर की भांति कार्य करने में सक्षम है। (जैसे क्रोम में शाला दर्पण चलाना , युट्यूब एमएस ऑफिस के कार्य , चलाना, देखना आदि सभी अन्य कार्य)। वे बताते कि अभी तक भारत का सबसे छोटा कंप्यूटर लाइव क्यु टच ने बनाया है लेकिन यह स्क्रिन रहित है। इसलिए इसे चलाने करने के लिए किसी मॉनिटर की आवश्यकता होती थी। पर ये ऐसा कंप्यूटर बनाया है, जो बिना मॉनिटर के इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें ही 3.5 की एफएचडी (1080 पी) स्क्रिन असेम्बल की है जो आपातकाल में बेहत मददगार हो सकती है। इसमे विडोंज 11 का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। चयन ने बताया कि कंप्यूटर के भारी भरकम सीपीयू के बजाय यह छोटा कंप्यूटर ( पॉकेट जीनियस) आप अपने ऑफिस से घर पर केवल जेब मे रख कर ले जा सकते है, सामान्य टीवी से कनेक्ट करके काम कर सकते है। यह समान्य कंप्यूटर की ही तरह रेम स्टोरेज तो है ही साथ ही ऐसे स्वयं बढ़ाया या कम किया जा सकता है। साथ ही सिक्योंरिटी के लिए इसमें पासवर्ड का भी विकल्प है।
कम उम्र से ठान लिया छोटा कंप्यूटर बनाना
चयन ने बताया कि कम उम्र में ही मन में कप्यूटर बनाने का सपना था। गांवों में यहां पर उपकरण बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल उपलब्ध नहीं होते। जब कक्षा सातवीं में पढ़ता था, तब ये विचार पिताजी दीपक पंड्या के साथ सांझा किया। 2022 विद्यालय परिसर में स्थित राजकीय अटल टिनकेरिंग लैब में जा पहुचे। इसी बीच पापा को खो चुका था। इसलिए मेरी माँ ने मुझे स्क्रीन उपलब्ध करवाई और कंप्यूटर बनाने की शुरुआत मैने अपने परिवार के द्वारा बढ़ाए गए मनोबल के साथ की।
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Published on:
03 May 2023 08:44 am
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