
भारतीय ट्राईबल पार्टी में इन दिनों बहुत कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। बीटीपी के प्रदेशाध्यक्ष डा. वेलाराम घोघरा ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में बीटीपी दोनों विधायकों चौरासी विधायक राजकुमार रोत व सागवाड़ा विधायक रामप्रसाद डेण्डोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने दोनों को हाईजेक कर लिया है। हमारे विधायक व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति में लग गए हैं।
घोघरा ने कहा कि विधायक पार्टी लाइन से हट कर काम कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें 10 दिन पहले ही नोटिस जारी किया है। नोटिस के बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने विधायकों को तटस्थता के लिए व्हिप जारी की थी। इसके बावजूद विधायक कांग्रेस की बाड़ेबंदी में शामिल हुए। जबकि हमने कहा था कि सरकार ने लिखित में जवाब लेवें कि कांकरी डूंगरी प्रकरण का निस्तारण कितने दिनों में कर दिया जाएगा, लेकिन उसकी भी अनसुनी की। पहले भी सरकार के संकट के समय भी विधायकों ने मनमानी की थी। ऐसे ही 8 से 10 बिन्दुओं पर नोटिस दिया है। जवाब आने के बाद पार्टी विधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जब तक सामने नहीं आए कैसे मान लें
बीटीपी विधायकों की ओर से आदिवासी परिवार के बैनर तले अथवा नई राजनीतिक पार्टी गठित किए जाने की अटकलों के संबंध में प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यह सुनी सुनाई है। जब तक कोई पार्टी सामने नहीं आती मैं मानने के लिए तैयार नहीं हूं। यह सही बात है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने हमारे विधायकों को गुमराह किया है। उन्हें प्रलोभन दिया जा रहा है कि वे बीटीपी को नुकसान पहुंचाए।
खोड़निया पर भी निशाना
घोघरा ने कांग्रेस के निवर्तमान जिलाध्यक्ष दिनेश खोड़निया पर भी निशाना साधा। खोडनिया की मुख्यमंत्री से कांकरी डूंगरी प्रकरण के मुकदमे वापस लेनी की पैरवी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि घटनाक्रम कराने वाले ही अब समाधान की बात कर रहे हैं। इससे साफ है कि यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस का किया धरा था।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए विधायक स्वतंत्र
आजादी के बाद पहली बार आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनाए जाने पर बीटीपी के स्टैंड को लेकर पूछे सवाल पर प्रदेशाध्यक्ष घोघरा ने कहा कि यह स्वागत योग्य है, लेकिन बीजेपी के छिपे हुए एजेण्ड़ों का हम कभी समर्थन नहीं करेंगे। जहां तक राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन का विषय है, तो इसमें हम बीटीपी विधायकों को स्वतंत्र रखते हैं, वे अपने विवेक से मतदान कर सकते हैं।
Updated on:
13 Jul 2022 11:16 am
Published on:
13 Jul 2022 11:09 am
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