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सूर्य विवाह उत्सव मनाया, विश्वकर्मा पुराण कथा का महत्व बताया

पादरा में विश्वकर्मा पुराण कथा, गुरूवार को पूर्णाहुति
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कोरबा

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Ashish Bajpai

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Updated: 8 Feb 2017, 8:51 PM IST

Sun wedding celebration

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निकटवर्ती पादरा में चल रही विश्वकर्मा पुराण कथा में बुधवार को सूर्य विवाह का प्रसंग रचाया। कथावाचक पुरुषोत्तम शास्त्री ने विश्वकर्मा पुराण कथा का महात्मय बताया। शास्त्री ने भगवान श्रीराम के वनवास यात्रा के तहत केवट के पाद प्रक्षालन, सीता का पृथ्वी से जन्म लेने तथा सीता स्वयंवर तथा महाभारत से संबंधी ज्ञानवद्र्धक जानकारी देते हुए ज्ञान रूपी गंगा का संचार किया।

कथा के दौरान पादरा के यजमानों द्वारा वरपक्ष व कन्यापक्ष के रूप में सूर्य विवाह उत्सव मनाया। शास्त्री ने उपनयन धारण कर प्रतिदिन कम से कम 102 बार गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। कथा के दौरान गुरुवार को विश्वकर्मा जयंती पर्व मनाने के साथ पूर्णाहुति होगी।