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पोषण आहार ट्रेनिंग के नाम पर वसूले 2.75 लाख, और न ठहरने की सुविधा थी, न ही दो वक्त का भोजन दिया

दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के नाम पर 55 स्वयंसेवी संस्थाओं से कुल 2.75 लाख वसूल किया गया। इतनी बड़ी राशि लेकर ट्रेनिंग के लिए पहुंची महिलाओं के न तो ठहरने की व्यवस्था की और रात का भोजन दिया।

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पोषण आहार ट्रेनिंग के नाम पर वसूले 2.75 लाख, न ठहरने की सुविधा न ही दो वक्त भोजन दिया

दुर्ग. दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के नाम पर जिले के 55 स्वयंसेवी संस्थाओं से प्रति पांच हजार कुल दो लाख 75 हजार वसूल किया गया। इतनी बड़ी राशि लेकर ट्रेनिंग के लिए पहुंची महिलाओं को न तो ठहरने की व्यवस्था की और रात का भोजन दिया। मालवीय नगर स्थित एक होटल में प्रशिक्षण के दौरान केवल दोपहर का भोजन दिया गया।

महिला स्वसहायता समूह से बतौर फीस पांच-पांच हजार ली गई

बता दें कि आंगनबाड़ी में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन बनाने वाली स्वसहायता समूह के सदस्यों को फूड सेफ्टी ट्रेनिंग दी गई है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक राजेश सिंह राणा ने प्रशिक्षण को अनिवार्य बताते हुए २४ अगस्त को पत्र जारी किया था। ट्रेनिंग भारत सरकार द्वारा अधिकृत फूड सेफ्टी सर्विसेस के मास्टर ट्रेनर दे रहे हैं।प्रोग्राम मैनेजर इसके एवज में जिले के प्रत्येक रेडी टू इट बनाने वाली महिला स्वसहायता समूह से बतौर फीस पांच-पांच हजार ली गई।

ली गई फीस की रसीद भी दी

व्यवस्था और प्रमाण पत्र देने के एवज में ली गई फीस की रसीद भी दी गई है। बुधवार को प्रशिक्षण शिविर के समापन के मौके पर यह खुलासा हुआ कि ट्रेनिंग लेने आई स्वसहायता समूह महिलाओं के साथ छल हुआ। प्रशक्षिण देने वाली एनजीओ ने शहर के बाहर से आई महिला सदस्यों के रुकने की व्यवस्था की न ही रात का भोजन दिया।

मानक स्तर पर खाद्य पदार्थ तैयार करने दी जानकारी
भारत सरकार ने खाद्य कारोबारियों को मानक प्रशिक्षण लेना अनिवार्य किया है। प्रशिक्षण में बताया गया है कि वे खाद्य पदार्थ को बनाते समय किन बातों का ध्यान रखें,ताकि खाद्य पदार्थ मानक स्तर पर तैयार हो। जांच के लिए भेजे जाने पर सैंपल रिपोर्ट सही आए। फूड सेफ्टी सर्विसेस के मास्टर ट्रेनर प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण देते है कि वे रेडी टू ईट बनाने के दौरान किस तरह की सावधानी रखें। पैकेट में मात्रा के साथ अनिवार्य बातों का उल्लेख करें। रेडी टू ईट कितने दिन में खराब हो सकता है इसका विशेष तौर पर उल्लेख करंे।

संचालक के आदेश की अवहेलना
इस प्रशिक्षण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को को-आर्डिनेटर बनाया गया है। को-आर्डिनेटर के कहने पर महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष व कोई भी एक प्रतिनिधि प्रशिक्षण लेने पहुंची थी। संचालक ने आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया है कि भोजन और आवास की सुविधा फूड सेफ्टी सर्विसेस सेंटर को करना था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

होटल वालों को दो हजार में दिया प्रशिक्षण
दो माह पहले ही फूड सेफटी सर्विसेस ने भिलाई में होटल व रेस्टारेट व्यवसाय से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण दिया था। होटल कारोबारियों से सिर्फ २-२ हजार रुपए लिया गया था। इस प्रशिक्षण में आवास सुविधा नहीं थी, लेकिन दो समय का नास्ता, दो समय का भोजन और शाम का नास्ता शामिल था।