
भारत माला परियोजना, भूमि अधिग्रहण मामले में हाइकोर्ट ने दुर्ग कलेक्टर, नेशनल हाइवे और राज्य सरकार को जारी किया नोटिस
दुर्ग. भारतमाला परियोजना की दुर्ग-रायपुर के बीच प्रस्तावित सिक्सलेन एक्सप्रेस हाइवे के लिए किसानों से जमीन अधिग्रहण और इसके एवज में मुआवजे के मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में शुरू हो गई है। हाईकोर्ट ने किसानों की ओर से प्रस्तुत याचिका पर नजूल अधिकारी के साथ कलेक्टर, नेशनल हाइवे और राज्य शासन को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि में संबंधितों को जवाब के साथ मौजूद रहने का आदेश दिया है। भारतमाला परियोजना के तहत दुर्ग और रायपुर के बीच प्रस्तावित सिक्सलेन सड़क के लिए जिले के 26 गांव के 1349 किसानों की जमीन अधिग्रहण किया गया है। जमीन के अधिग्रहण के लिए नेशनल हाइवे की ओर से 9 मार्च 2018 को अधिसूचना प्रकाशित की जा चुकी है। इसके साथ ही जमीन की मार्किंग कर खंभे भी लगा दिए गए हैं, लेकिन अब तक मुआवजे की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है और न ही भुगतान हो पाया है। इससे आहत दुर्ग, राजनांदगांव और आरंग के किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इस पर गुरुवार को दुर्ग और राजनांदगांव के किसानों की याचिका पर सुनवाई हुई।
आरंग के किसानों की याचिका पर सुनवाई 29 को
दुर्ग व राजनांदगांव की तरह रायपुर जिले के आरंग ब्लाक के किसानों को भी मुआवजे की जानकारी नहीं दी गई है। दुर्ग और राजनांदगांव के साथ यहां के भी किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। हाईकोर्ट ने आरंग के किसानों की याचिका पर 29 जुलाई की तिथि सुनवाई के लिए तय है।
हाईकोर्ट ने किया किसानों का पक्ष स्वीकार
प्रभावित किसान व एडवोकेट जेके वर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट में किसानों की याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। पहले दिन दुर्ग और राजनांदगांव के किसानों को सुनवाई हुई है। इसमें हाईकोर्ट ने किसानों का पक्ष स्वीकार करते हुए संबंधित नजूल अधिकारियों, कलेक्टर, नेशनल हाईवे और राज्य शासन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्हें अगली सुनवाई में जवाब रखने कहा गया है। सुनवाई की अगली तिथि अभी तय नहीं हुई है।
Published on:
24 Jul 2021 11:43 am
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