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DPS में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले फरार शिक्षक पर FIR दर्ज

डीपीएस भिलाई में छात्राओं के साथ शिक्षक द्वारा छेड़छाड़ किए जाने के मामले को जांच के नाम पर स्कूल तक ही समेटे रखने की मंशा पर मंगलवार देर रात को पानी फिर गया।

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Satya Narayan Shukla

Aug 17, 2016

DPS students to tamper with the FIR registered on

DPS students to tamper with the FIR registered on the absconding teacher

भिलाई.
डीपीएस भिलाई में छात्राओं के साथ शिक्षक द्वारा छेड़छाड़ किए जाने के मामले को जांच के नाम पर स्कूल तक ही समेटे रखने की मंशा पर मंगलवार देर रात को पानी फिर गया। मामला उजागर होने के बाद मंगलवार सुबह चाइल्ड लाइन की टीम पहुंची लेकिन स्कूल प्रबंधन ने टीम को वापस लौटा दिया। इसके बाद शाम को बाल संरक्षण आयोग की टीम ने पीडि़त चार बच्चियों के कलमबद्ध बयान दर्ज किए। आखिरकार देर रात को नेवई पुलिस ने चार नाबालिग छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने की शिकायत पर आरोपी शिक्षक आरपी द्विवेदी के खिलाफ धारा 354, क, 7, 8 पोक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।


शिक्षक फरार

इस मामले में छात्राओं ने सीडब्ल्यूसी के सामने जब बयान दिया, तब उस आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। फरार शिक्षक की तलाश की जा रही है। इधर स्कूल का यह मामला पाक्सो एक्ट ( प्रोटक्शन ऑफ चिल्ड्रन फार्म सेक्सुलअल अफेंस का ) से जुड़ा होने के कारण चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने इसे संज्ञान में लिया और टीम मंगलवार दोपहर स्कूल पहुंची थी। उनके अनुसार स्कूल प्राचार्य तो उनसे नहीं मिले, उनके अधीनस्थों ने छात्राओं से भी नहीं मिलने दिया और न उनके बारे में कोई जानकारी दी।


पड़ी फटकार

पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में आए डीपीएस भिलाई की घटना से अंजान डीईओ दुर्ग को कलक्टर ने फटकार लगाई। मंगलवार को कलक्टोरेट में हुई टीएल बैठक में कलक्टर आर. शंगीता ने डीईओ आशुतोष चावरे से डीपीएस भिलाई के मामले के बारे में पूछा। जिस पर डीईओ ने सोमवार को जानकारी मिलने की बात कही। यह सुनकर कलक्टर भड़क उठीं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में स्कूल से जानकारी आने का इंतजार करने की बजाए उन्हें खुद इसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि स्कूल की जांच का क्या भरोसा। वह गलत भी हो सकती है। इस मामले में उन्हें खुद जांच

करनी चाहिए।


अंजान बने बाल संरक्षण अधिकारी

डीपीएस भिलाई के मामले में बाल संरक्षण अधिकारी अंजान बन रहे हैं। अधिकारी सुरेन्द्र कौशिक ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, जबकि दोपहर को उनके अधीन चाइल्ड लाइन की टीम स्कूल से खाली हाथ लौट आई। पुलिस के अनुसार मंगलवार की रात करीब 8 बजे सीडब्ल्यूसी की टीम ने सातवीं की छात्राओं से बयान लिया। बयान में बच्चों ने जिस तरह की जानकारी दी, उस बयान को लेकर वे पुलिस अधिकारियों से मिले। अधिकारियों ने बयान को आधार बनाकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।


प्राचार्य बोले, इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा

डीपीएस के प्राचार्य परशांत वशिष्ठ इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। दिनभर प्रयास के बाद जब शाम को प्राचार्य ने पत्रिका से बात की तो उन्होंने यह कहकर फोन रख दिया कि वे कार्रवाई कर रहे हैं और इस बारे में कुछ भी नहीं कहेंगे। शिक्षक पर क्या कार्रवाई की? पुलिस को सूचना दी या नहीं? जैसे सवालों का जवाब नहीं दिया।


जिला शिक्षा अधिकारी: आशुतोष चावरे

मुझे स्कूल प्रबंधन ने सोमवार रात को जानकारी दी है। इससे लगता है कि कहीं न कहीं घटना को छुपाने का प्रयास किया गया। मैंने उनका जांच प्रतिवेदन मंगाया है। बुधवार को दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाकर इस मामले की फिर से जांच कराउंगा।


एसपी: अमरेश मिश्रा

डीपीएस मामले में सीडब्ल्यूसी ने बयान लिया है। छात्राओं के साथ छेड़छाड़ होने की बात प्रकाश में आई है। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है, अब कार्रवाई की जाएगी, आरोपी फरार है।


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