आरोपियों ने सीट बुकिंग के नाम पर चंद्राकर से 6 लाख रुपए अग्रिम जमा कराया, लेकिन सत्र शुरू होने के महीनेभर बाद भी कोई ठोस जानकारी नहीं दी। चंद्राकर ने वर्धा जाकर पता किया तब मालूम हुआ कि वे ठगे गए। उन्होंने नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई। नेवई पुलिस की पेट्रोलिंग टीम क्षेत्र में घूम रही थी। तभी एक जवान की नजर अविनाश पर पड़ी। मरोदा रेलवे फाटक के पास उसे पकड़ लिया।