
दुर्ग . शहरी क्षेत्र में हजारों मतदाता काम होने से राजनीतिक विश्लेषक भी चकित हैं। क्योंकि कुछ क्षेत्रों में जितने मतदाता घट गए हैं पिछले चुनाव में उससे कम वोटों से हार जीत का फैसला हुआ था। वैशाली नगर विधान सभा में सबसे अधिक 21,474 कम हुए हैं। जबकि 2013 के विधान सभा चुनाव में 24,448 वोटों से हारजीत का फैसला हुआ था।
किसे नफा किसे नुकसान आंकलन में जुटे
भाजपा के विद्यारतन भसीन ने कांग्रेस के भजनसिंह निरंकारी के इतने मतों से पराजित किया था। अब राजनीतिक समीक्षक यह आंकलन कर रहे हैं कि हजारों मतदाता कम होने का असर क्या पड़ेगा। किसे नफा नुकसान होगा।
होगा प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद एक महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि जिले में करीब सवा लाख मतदाताओं का नाम सूची से हटाया गया है। जबकि पिछले विधान सभा चुनाव में जिले के सभी 6 विधान सभा सीटों को मिलकर हारजीत का अंतर 91 हजार 183 वोट का रहा था। इस तरह जितने मतदाता घटे हैं, उससे भी कम में पिछले चुनाव में जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो गया था।
चार साल में बढ़े केवल इतने मतदाता
चार साल में बढ़े केवल 2 पुरुष मतदाता, वर्ष 2013 में थे। 6 लाख 28 हजार 178 , इस बार हैं- 6 लाख 28 हजार 180, चार साल में बढ़े 18904 महिला मतदाता, वर्ष 2013 में थी । 5 लाख 92 हजार 797 । इस बार हैं- 6 लाख 11 हजार 701
3685 शिक्षाकर्मियों को नहीं मिला दिसंबर का वेतन
जिले के 3685 शिक्षाकर्मियों को पिछले साल के दिसंबर का वेतन अब तक नहीं मिला है। नवीन शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत का कहना है कि यह स्थिति पूरे प्रदेश में हैं। राज्य स्तर पर वेतन जारी बताया जा रहा है। इधर बोल रहे जिला पंचायत के खाते में राशि नहीं है।
संघ के प्रांतीय प्रवक्ता दुष्यंत कुम्भकार का कहना है कि राज्य शासन ने हर माह की 5 तारीख को अनिवार्य रूप से वेतन भुगतान का निर्देश जारी है। जिला पंचायत सीईओ आरके खुटे ने बताया वेतन भुगतान को लेकर दिक्कत थी, लेकिन 4-5 दिन पहले ही वेतन की राशि पुन: आवंटित कर दी गई है। अवकाश के कारण दिक्कत हो सकती है।
Published on:
21 Jan 2018 10:17 am
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