
आयोग ने लगाया शिक्षा मंडल पर 25 हजार जुर्माना, जनसूचना अधिकारी पर कार्रवाई के भी निर्देश
दुर्ग@Patrika. सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित समयावधि में जानकारी नहीं देना माध्यमिक शिक्षा मंडल के जनसूचना अधिकारी को भारी पड़ गया। राज्य सूचना आयोग ने इसे लापरवाही करार देते हुए अधिकारी पर 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। इसके अलावा जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह है मामला
भिलाई-3 के रेखलाल साहू ने अपनी विधवा बहू प्रतिभा से जुड़े दस्तावेज की मांग माध्यमिक शिक्षा मंडल से की थी। प्रतिभा ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए मंडल से डुप्लीकेट मार्कशीट लिए थे। इसकी जानकारी उसने रेखलाल साहू को नहीं दिए थे। साहू को प्रतिभा द्वारा प्रमाण के रूप में जमा कराए गए दस्तावेज को लेकर शक था। इसलिए उन्होंने मंडल के उक्त दस्तावेज की मांग की थी।
तीसरा पक्ष व व्यक्तिगत जानकारी बताकर लौटाया
@Patrika प्रार्थी रेखलाल साहू के आवेदन पर माध्यमिक शिक्षा मंडल के जनसूचना अधिकारी ने उन्हें तीसरा पक्ष व जानकारी को व्यक्तिगत बताकर खारिज कर दिया था। इस पर प्रार्थी ने प्रथम अपील की। इसमें भी जानकारी नहीं मिलने पर राज्य सूचना आयोग में आवेदन किया।
जनसूचना अधिकारी ने 30 दिन की जगह 44 माह में जवाब
@Patrika प्रार्थी रेखलाल ने 12 अगस्त को इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल के जनसूचना अधिकारी को आवेदन सौंपा। नियमानुसार जानकारी अथवा कोई भी आपत्ति होने पर 30 दिन के भीतर जवाब दिया जाना था, लेकिन मंडल के अधिकारी ने प्रार्थी को तीसरा पक्ष और चाही गई जानकारी व्यक्तिगत होने संबंधी जवाब देने में ही 4 महीने लगा दिए।@Patrika
राज्य सूचना आयोग ने माना लापरवाही
@Patrika सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग ने आवेदनकर्ता के तीसरा पक्ष और चाही गई जानकारी को व्यक्तिगत होने की मंडल की दलील को स्वीकार कर लिया, लेकिन 4 माह बाद जवाब देने को गंभीरता से लेते हुए खिलाफ में आदेश पारित किया। इसके तहत विलंब के 250 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। @Patrika
Published on:
24 Jul 2018 08:37 pm
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