
दुर्ग . फर्जी ऋण पुस्तिका से जमानत लेने के मामले में पुलिस ने तीन और लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जिसमें दो आरोपी जमुना प्रसाद जांगड़े और मदन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीसरा आरोपी संदीप खोब्रागढ़े पुलिस गिरफ्त से बाहर है, जो फर्जी ऋण पुस्तिका से जमानत लेने वाले गिरोह के फरार सरगना संजय बिहारी का करीबी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी जमुनाप्रसाद ग्राम मुरमंदा का रहने वाला है।
वह चेक बाउंस के एक मामले का आरोपी है। उसने फर्जी ऋण पुस्तिका से अपनी जमानत करवाया है। उसकी जमानत संदीप खोब्रेगढ़े ने ली थी। आरोपी मदन न्यायालय में दस्तावेज लेखन का काम करता है। जमानत लेते समय मदन ने न्यायालय में दोनों की पहचान की थी। फर्जी जमानत लेने वालों की पहचानकर्ता होने के कारण पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया है। माह भर पहले पुलिस ने फर्जी ऋण पुस्तिका से जमानत लेने वाले गिरोह का भंाडाफोड़ किया था। गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार जेल भेजा जा चुका है।
इस गिरोह का रायपुर निवासी सरगना फरार है। पुलिस आरोपी जमुना प्रसाद और मदन को शनिवार को न्यायालय में पेश करेगी। पुलिस के मुताबिक 51000 रुपए चेक बाउंस के एक प्रकरण में सुपेला पुलिस ने जमुना प्रसाद जांगड़े को गिरफ्तार कर न्यायाधीश तनुश्री गवेल के न्यायालय में पेश किया था। उसकी जमानत संदीप खोब्रागढ़े ने लिया था। जिसके लिए उसने उरला में आवासीय जमीन होने का ऋण पुस्तिका प्रस्तुत किया था।
मदन दोनों की पहचानकर्ता था। जांच में ऋण पुस्तिका फर्जी पाए जाने पर अपराध दर्ज किया गया। संदेह होने पर अधिवक्ता बंजारे ने सूचना का अधिकार के तहत तहसील कार्यालय में आवेदन पेश कर जमीन की जानकारी मांगी। तहसीलदार ने जानकारी दी कि आवेदन में दर्शाए गए ऋण पुस्तिका नंबर कार्यालय से जारी ही नहीं किया गया। ऋण पुस्तिका में जो पटवारी हल्का दर्शाया गया है वह भी गलत है।
सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मिलने के बाद अधिवक्ता ने सिटी कोतवाली में इसकी शिकायत की। पुलिस ने बताया कि चेक बाउंस के आरोपी जमुना प्रसाद जांगड़े के खिलाफ नंदनी थाना में नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज है। नंदनी पुलिस ने आरोपी को पहले गिरफ्तार किया था। इस बात की जानकारी मिलते ही शुक्रवार को सिटी कोतवाली पुलिस ने न्यायालय को गुमराह कर फर्जीऋण पुस्तिका से जमानत लेने के मामले में उसे हिरासत में लिया।
फर्जी आईडी से ई-टिकट बनाने वाले दलाल को पकड़ा
अपराध गुप्तचर शाखा रायपुर व रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट भिलाई के अधिकारी व टीम ने संयुक्त रूप से कैलाश नगर भिलाई में एक ई-टिकट दलाल मनोज कुमार प्रसाद के यहां छापामारी की। मनोज फर्जी आईडी से ट्रेन की ई-टिकट बनाने का काम कर रहा था। छापामारी में ८ तत्काल, ९ प्रिमियम तत्काल, ३ सामान्य, ७ नग आरक्षण खाली फार्म मिले व १५०० रुपए नकद मिला। इसके अलावा ई-टिकटिंग बनाने का कोई अधिकार पत्र नहीं मिला।
एक नग कम्प्यूटर, मॉनिटर, सीपीयू, ई-टिकटिंग संबंधित रजिस्टर को जब्त किया। अनाधिकृत रूप से टिकट दलाली करने पर रेलवे एक्ट की धारा १४३ के अपराध में धारा १७९ के तहत गिरफ्तार किया। इससे पहले रिसाली में भी इसी तरह एक दलाल हो पकड़ा था। जिसके पास आईआरसीटीसी का कोई अधिकृत प्रमाण नहीं था। वह भी खुद की आईडी से यात्रियों को टिकट बनाकर कर पीक सीजन में मोटे दामों पर टिकट को बचता था।
आवेदक ने ही पकड़ी गलती
चेक बाउंस प्रकरण में प्रार्थी अधिवक्ता डेरेश्वर बंजारे है। आरोपी के जमानत लेने वाले व्यक्ति से पूछताछ और ऋण पुस्तिका देखने पर अधिवक्ता को शंका हुई। ऋण पुस्तिका में बिना खसरा नंबर के जमीन का क्षेत्रफल लिखा गया था। खसरा नंबर का कालम खाली था। फर्जी जमानत मामले में अब तक आरोपी गुड्डा उर्फ संजय द्विवेदी, महेश्वरी बाई, शुभान खान,रंजना चंद्राकर ,राजकुमार मेश्राम और विनोद निषाद को गिरफ्तार किया जा चुका है।
18 नवंबर को हुआ था खुलासा
एसपी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने १८ नवंबर को कोर्ट परिसर में दबिश दी थी। जिसमें पुलिस ने फर्जी जमानत लेने वाले गिरोह में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से सैकड़ा भर फर्जी ऋण पुस्तिका , तहसीलदार का मुहर, कई लोगों का फोटो जब्त किया था। आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि गिरोह का मास्टर माइंड संजय बिहारी और रायपुर निवासी संतू यादव है। दोनों अब तक फरार है। आरोपी संदीप खोब्रागढ़े को संजय बिहारी का खास है।
Published on:
16 Dec 2017 11:06 am
बड़ी खबरें
View Allदुर्ग
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
