
दुर्ग. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने अपने तकरीबन 11 हजार विद्यार्थियों को तगड़ा झटका दिया है। सीएसवीटीयू ने अचानक नामांकन शुल्क में 25 गुना की बढ़ोतरी कर दी है। पहले सीएसवीटीयू नवप्रवेशित छात्र से नामांकन के लिए सौ रुपए वसूल करता था, जिसे अब बढ़ाकर 2500 रुपए कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद ये विवि सालाना साढ़े तीन करोड़ रुपए अतिरक्त कमाएगा, लेकिन इससे विद्यार्थियों पर बोझ बढ़ जाएगा। मजेदार बात है कि विवि के इस फैसले पर सबसे पहले वित्त मंत्रालय फिर कार्यपरिषद और खुद राजभवन ने भी एतराज नहीं जताया। सभी विभागों ने विवि की दलील पर एतबार कर मंजूरी दी।
विवि ने दिया यह तर्क
सीएसवीटीयू इस फैसले के बाद प्रदेश का इकलौता विवि बन गया है, जिसमें विद्यार्थियों से 2500 रुपए नामांकन के लिए चार्ज होंगे। अन्य विवि में यह राशि अब भी सौ रुपए ही है। इसके पीछे विवि ने तर्क दिया है कि छात्रों को दी जा रही सुविधाओं पर खर्च बढ़ गया है। विवि का खजाना भी खाली है, जिसको देखते हुए यही निर्णय ठीक लगा। विवि ने छात्रों की परीक्षा फीस आधी कर दी है, जिसे एक झटके में बराबर कर दिया गया। खास बात यह है कि परीक्षा शुल्क से लेकर डिग्री हासिल करने तक सीएसवीटीयू छात्रों से सभी शुल्क वसूलता है। फिर भी विवि यहां छात्रों पर होने वाले खर्च की दुहाई देकर अपना पल्ला झाड़ रहा है।
छात्र विद्रोह की तैयारी में
विवि में पहले ऑफलाइन एग्जाम को लेकर छात्र विद्रोह कर रहे थे, लेकिन अब इस नए मामले में छात्र संगठन आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इधर, विवि प्रबंधन ने कहा है कि देश में जितने भी तकनीकी विश्वविद्यालय संचालित है, उसमें यही नामांकन शुल्क लगता है। सभी पहलुओं को देखने के बाद ही फीस वृद्धि का फैसला लिया गया।
डॉ. केके वर्मा, रजिस्ट्रार, सीएसवीटीयू ने बताया कि नामांकन शुल्क एक बार ही लगता है। इसमें बढ़ोतरी इस लिए की गई है, क्योंकि छात्रों पर होने वाला खर्च बढ़ गया है। विवि इससे जो अतिरिक्त रुपए बचाएगा उसे छात्रों के ही विकास कार्यों और योजनाओं में लगाया जाएगा।
Published on:
23 Dec 2020 01:19 pm
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