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अब ट्विनसिटी नहीं, दुर्ग-भिलाई विकास प्राधिकरण का हो गठन तो बने बात, मिलेगा ज्यादा फंड और तेजी से होगा विकास

राज्य निर्माण के बाद राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर का विकास जिस द्रूत गति से हुआ, ट्विनसिटी दुर्ग-भिलाई उससे अछूता ही रहा। हालात यह रहा कि इन दोनों शहरों और इससे लगे इलाकों को मिलाकर दुर्ग-भिलाई विकास प्राधिकरण गठन की मांग भी अब तक पूरी नहीं हो पाई है। करीब 22 साल बाद एक बार फिर यह मांग जोर पकडऩे लगी है। जानकारों की मानें तो प्राधिकरण के गठन से न सिर्फ ट्विनसिटी को नई पहचान मिलेगी बल्कि ज्यादा फंड मिलने से विकास भी तेजी से होगा।

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अब ट्विनसिटी नहीं, दुर्ग-भिलाई विकास प्राधिकरण का हो गठन तो बने बात, मिलेगा ज्यादा फंड और तेजी से होगा विकास

युवा क्रांति संगठन राज्य निर्माण के बाद से यानि करीब 22 साल से दुर्ग-भिलाई विकास प्राधिकरण के गठन के लिए संघर्षरत है

युवा क्रांति संगठन राज्य निर्माण के बाद से यानि करीब 22 साल से दुर्ग-भिलाई विकास प्राधिकरण के गठन के लिए संघर्षरत है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गफ्फार खान बताते हैं कि दुर्ग व भिलाई नगर निगम के साथ मौजूदा रिसाली, भिलाई 3 चरोदा नगर निगम, कुम्हारी, व जामुल नगर पालिका परिषद, उतई नगर पंचायत और 2011 की जनगणना अनुसार पाटन ब्लॉक की 3 लाख 25 हजार 227 जनसंख्या वाले परिक्षेत्र को सम्मिलित कर दुर्ग-भिलाई विकास प्राधिकरण का गठन किया जा सकता है। यह इलाका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह और निर्वाचन क्षेत्र भी है।


इस तरह बने विकास प्राधिकरण
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार दुर्ग निगम की जनसंख्या 2,68,806, भिलाई निगम की 6,25,700, भिलाई-3 चरोदा की 98,008, कुम्हारी की 35,044, जामुल पालिका परिषद की 25,878 व उतई पंचायत की 8,752 की कुल 10,62,188 जनसंख्या वाले क्षेत्र के साथ पाटन ग्रामीण के 2 लाख 25 हजार 227 आबादी को मिलाकर प्राधिकरण का गठन किया जा सकता है।


महानगर के भी अनुकूल स्थिति
प्राधिकरण के इलाके में नगर पंचायत धमधा की 9961, नगर पालिका परिषद अहिवारा की 20384 एवं नगर पंचायत पाटन की 10133, कुल 40478 जनसंख्या को भी सम्मिलित किया जा सकता है। इस क्षेत्र को मिलाकर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के साथ दुर्ग-भिलाई महानगर पालिका का गठन भी किया जा सकता है।


प्राधिकरण से यह होगा फायदा
0 मिलेगा कई गुना फंड
प्राधिकरण बन जाने से प्रादेशिक एवं केंद्रीय स्तर के फंड और विश्व बैंक की परियोजनाओं के अधिकाधिक मद प्राप्त होंगे। साथ ही महानगर के भी फंड प्राप्त होंगे।
0 तीव्र गति से होगा विकास
जिससे इन समस्त क्षेत्रों का तीव्र गति से समग्र विकास संभव हो सकेगा और बड़ा क्षेत्र होने के कारण बडी और महत्वाकांक्षी योजनाएं भी आसानी से लागू की जा सकेगी।
0 अनुकूल है मास्टर प्लान
824 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रों में शासन द्वारा मास्टर प्लान तैयार किया गया है और प्राधिकरण गठन की स्थिति में व्यवस्थित व समुचित विकास की संभावनाएं प्रबल होगी।
0 बुनियादी सुविधाओं में होगा विस्तार
आवासीय, व्यवसायिक तथा अन्य मूलभूत एवं बुनियादी समस्याओं का निराकरण भी त्वरित गति से संभव हो सकेगा, क्योंकि जनसंख्या वृद्धि के साथ जहां आवश्यकताएं बढी़ है वही समस्याएं भी बढी़ है।


रायपुर का बजट 7 अरब
राजधानी रायपुर व इससे लगे आसपास के इलाके को मिलाकर रायपुर विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। इसके बाद यहां ज्यादा फंड मिलने के कारण बजट सात अरब रुपयों से अधिक का हो गया है।


इसलिए है दावेदारी पुख्ता
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण पश्चात राज्य सरकार द्वारा विकास को गति प्रदान करने रायपुर विकास प्राधिकरण, सरगुजा विकास प्राधिकरण एवं बस्तर विकास प्राधिकरण का निर्माण किया गया है। अब केवल दुर्ग-भिलाई का इलाका रह गया है। 6 जून 1998 को विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण साडा को भंग कर भिलाई नगर निगम स्थापित किया गया था। तब से ही भिलाई दुर्ग के समुचित एवं सुव्यवस्थित विकास के लिए भिलाई दुर्ग विकास प्राधिकरण निर्माण की महती आवश्यकता महसूस की जा रही है।