13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में गड़बड़ी: मुन्नाभाई ने इस खतरनाक बीमारी का हवाला देकर मांगा जमानत तो जज ने कह दिया सीधे NO

Paramilitary force recruitment exam 2019: दूसरे के एडमिशन कार्ड पर परीक्षा देते पुलिस (Bhilai police) के हत्थे चढ़े बल्लभगढ़ हरियाणा निवासी सतपाल सिंह (19) और पलवल हरियाणा निवासी रोहित पोसवाल (23) का जमानत आवेदन न्यायालय (Durg District court) ने खारिज कर दिया।

2 min read
Google source verification

दुर्ग

image

Dakshi Sahu

Sep 11, 2019

पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी: मुन्नाभाई ने इस खतरनाक बीमारी का हवाला देकर मांगा जमानत तो जज ने कह दिया सीधे NO

पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी: मुन्नाभाई ने इस खतरनाक बीमारी का हवाला देकर मांगा जमानत तो जज ने कह दिया सीधे NO

दुर्ग. दूसरे के एडमिशन कार्ड पर परीक्षा देते पुलिस के हत्थे चढ़े बल्लभगढ़ हरियाणा निवासी सतपाल सिंह (19) और पलवल हरियाणा निवासी रोहित पोसवाल (23) का जमानत आवेदन न्यायालय ने खारिज कर दिया। न्यायाधीश विवेक कुमार तिवारी ने जमानत आवेदन पर फैसला सुनाया। दोनों आरोपियों का यह पहला जमानत आवेदन था। न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान स्वयं के स्थान पर फर्जी जाति, निवास प्रमाणपत्र तैयार कर अन्य व्यक्ति को परीक्षा में उपस्थित करने का उल्लेख प्रकरण में है।

Read more: सोनाग्राफी कराती गर्भवती महिलाओं की अंतरंग फोटो सोशल मीडिया में आयुक्त ने किया वायरल, बवाल मचा तो...

उतई पुलिस ने इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज जप्त किया है। डायरी में उल्लेख है कि रोहित ने फर्जी दस्तावेज बनाने के लिए दो लाख अन्य आरोपी सतपाल सिंह को दिया है। सतपाल सिंह ने रोहित व अन्य अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उनके स्थान पर अन्य व्यक्ति को लिखित परीक्षा में बैठाया है। इस गंभीर मामले में विवेचना अपूर्ण है। मुख्य आरोपी धनसिंह व अन्य अब तक फरार है। प्रकरण गंभीर प्रकृति का है। ऐसी स्थिति में जमानत का लाभ दिया जाना उचित प्रतीत नहीं होता।

जमानत के लिए इसे बनाया आधार
आरोपी का कहना है कि वह 14 अगस्त से जेल में है। दोनों कम उम्र के शिक्षित नवयुवक है। अधिक दिनों तक जेल में रहने से मन मस्तिष्क पर विपरीत एवं बुरा प्रभाव पडऩे की प्रबल संभावना है। आरोपी रोहित पोसवाल वर्तमान में टीबी. की गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। चिकित्सक ने 6 माह तक दवाईयां खाने एवं आराम करने की सलाह दी है। जेल में इलाज संभव नहीं होने से उसके साथ कोई भी घटना दुर्घटना हो सकती है।

Read more: Big Breaking: खेत में सो रहे बैगा आदिवासी की कुल्हाड़ी मारकर हत्या, खून से लथपथ शव देखकर दहशत में ग्रामीण ...

अधिवक्ताओं ने यह दिया तर्क
बचाव पक्ष के अधिवक्ता रवि शंकर सिंह ने कहा कि आरोपी निर्दोष हंै। उन्हें झूठा फंसाया गया है। वह केवल परीक्षा देने आए थे, उन्हें अन्य बातों की जानकारी नहीं है। लोक अभियोजक सुदर्शन महलवार ने जमानत आवेदन का विरोध करते कहा कि परीक्षा में अनुचित लाभ लेने के लिए झूठा दस्तावेज तैयार कर स्वयं के स्थान पर अन्य व्यक्ति को परीक्षा दिलवाकर छल किया गया है।