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दुर्ग निगम: प्रॉपर्टी टैक्स में बड़े घालमेल का खुलासा, समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने पकड़ी चोरी, कम वसूली पर हुए नाराज

Durg municipal corporation: कमिश्नर ने राजस्व विभाग, भवन शाखा और टैक्स वसूली कर रही कंपनी स्पैरोटेक की बैठक लेकर राजस्व वसूली की समीक्षा की।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Jul 10, 2021

दुर्ग निगम: प्रॉपर्टी टैक्स में बड़े घालमेल का खुलासा, समीक्षा के दौरान कमिश्नर से पकड़ी चोरी, कम वसूली पर जताई नाराजगी

दुर्ग निगम: प्रॉपर्टी टैक्स में बड़े घालमेल का खुलासा, समीक्षा के दौरान कमिश्नर से पकड़ी चोरी, कम वसूली पर जताई नाराजगी

दुर्ग. नगर निगम दुर्ग में प्रॉपर्टी टैक्स (Property tax) में बड़े घालमेल का खुलासा हो रहा है। जिस पेट्रोल पम्प संचालक से 1 लाख 19 हजार रुपए सालाना प्रापर्टी टैक्स लिया जाना था, वह केवल 1107 रुपए जमा करा रहा था। इसी तरह वार्ड 37 के व्यवसायिक परिसर में 55 हजार, वार्ड 24 के बाइक शो रूम में 22 हजार, वार्ड 1 नयापारा के बस सर्विस परिसर में लगभग 74 हजार और वार्ड 43 स्थित मंगल परिसर द्वारा लगभग 48 हजार रुपए कम टैक्स जमा कराया जाना पाया गया है। इसके अलावा हर वार्ड में आवासीय और व्यवसायिक परिसरों में भी अंतर पाया जा रहा है। निगम प्रशासन द्वारा कराए जा रहे असेसमेंट में इसका खुलासा हो रहा है। निगम कमिश्नर ने शुक्रवार को टैक्स वसूली की समीक्षा की इसमें इसकी जानकारी सामने आई है। कमिश्नर ने संबंधितों से पूरी राशि की वसूली के लिए कहा है।

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लाखों का चूना लगा रहे
दुर्ग निगम कमिश्नर हरेश मंडावी ने शुक्रवार को राजस्व विभाग, भवन शाखा और टैक्स वसूली कर रही कंपनी स्पैरोटेक की बैठक लेकर राजस्व वसूली की समीक्षा की। जिसमें निगम के अधिकारियों की आकस्मिक जांच और असेसमेंट के बाद टैक्स में आए अंतर की जानकारी भी ली गई। इसमें अधिकारियों ने बताया कि जांच में बड़ी संख्या में प्रापर्टी देने वालों के सेल्फ असेसमेंट में गड़बड़ी मिल रही है। निगम के कर्मचारियों द्वारा ऐसे प्रापर्टी का असेसमेंट कर नए सिरे से टैक्स लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर लोगों ने प्रापर्टी कम बताकर असेसमेंट में जानकारी भर दी है। इससे निगम को लाखों का चूना लग रहा है। निगम कमिश्नर ने ऐसे सभी लोगों की पहचान कर पूरी राशि की वसूली के निर्देश दिए।

कम वसूली पर जताई नाराजगी
कमिश्नर ने इस दौरान अब तक की टैक्स वसूली की भी जानकारी ली। इसमें स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी भी जताई। उन्होंने आगामी वसूली दोगुनी करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होने वार्डवार सहायक निरीक्षको की टीम बनाकर स्पैरो टीम के साथ एवं आवश्यक होने पर भवन शाखा के इंजीनियरों के साथ संपत्तिकर जांच के निर्देश दिए।

274 बकायादार जमा नहीं कर रहे टैक्स
बैठक में बताया गया कि शहर के 274 बड़े बकायादारों को सूचीबद्ध किया गया हैं। जिनके द्वारा न ही विवरणी भरी गई और ना ही वर्षो से संपत्तिकर की राशि नगर निगम में जमा गई है। ऐसे बकायादार जो संपत्तिकर जमा करने आनाकानी कर रहे हैं उन पर नियमानुसार कार्रवाई कर संपत्ति कुर्की के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि राजस्व निरीक्षको द्वारा निंरतर बडे बकायादारो की संपत्ति का असेसमेंट किया जा रहा है। जिससे पूर्व संपत्तिकर की राशि एवं वर्तमान संपत्ति कर की राशि में काफी अंतर प्राप्त हो रहा है।