
बलात्कार पीडि़ता बयान से मुकरी, कोर्ट ने कार्रवाई के दिए आदेश
दुर्ग@Patrika. रिश्ते को कलंकित करने वाले को अब पूरा जीवन जेल में बीताना होगा। नाबालिग से दुष्कर्म के प्रकरण में फॉस्टट्रेक कोर्ट (Durg Fast track court) की न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने अभियुक्त मनोज कुमार चंदने (33 वर्ष) के जीवन के बचे हुए शेष दिनों तक जेल में रहने की सजा सुनाई। (Durg court decision)अभियुक्त पीड़त बच्ची का मौसा है। न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में छोटी बालिकाओं के प्रति लगातार अपराध बढ़ता जा रहा है। (Durg patrika) घटनाओं को देखते हुए अभियुक्त मनोज कुमार चंदने पर किसी तरह उदारता बरतना उचित नहीं है। (Rape news) न्यायाधीश ने अभियुक्त पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
यह है मामला
16 साल की नाबालिग से साथ 2015 में अभियुक्त ने दुष्कर्म किया था। तब नाबालिग की मां आग से झुलस गई थी और जिला अस्पताल में भर्ती थी। इस कारण वह अपने नाना नानी के पास रहती थी। उसी दौरान उसका मौसा भी नाना के घर पर रूका था। इसी बीच उसने दुष्कर्म किया और घटना का खुलासा करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह अपने नाना के साथ दूसरे शहर में रहने लगी। 2017 में वह मंडई देखने मौसा के गांव गई। जहां उसने दोबारा दुष्कर्म किया।
ऐसे खुला मामला
पीडि़त ने बताया कि दुष्कर्म की घटना के बाद उसके मौसा ने मामी से भी अश्लील हरकत की। तब परिवार के सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त किया। इसी घटना के बाद उसने हिम्मत जुटाकर अपने मामा को मौसा द्वारा दुष्कर्म करने की बात बताई। अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल वर्मा ने बताया कि इस मामल में पुलिस ने 10 गवाहों की सूची न्यायालय में प्रस्तुत की थी। सभी ने घटना का समर्थन किया। न्यायालय ने फैसला सुनाने के लिए गवाहों के बयान को आधार बनाया।
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Published on:
18 Sept 2019 12:20 am
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