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मासूम का चेहरा देखकर भी दरिंदे को नहीं आई दया, अब पूरी जिंदगी बीतेगी जेल में

छह साल की मासूम का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में न्यायाधीश हरीश अवस्थी ने दरबार मोखली निवासी कुंजबिहारी (22 वर्ष) को दोषी ठहराया।  

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Durg crime

मासूम का चेहरा देखकर भी दरिंदे को दया नहीं आई, अब पूरी जिंदगी बीतेगी जेल में

दुर्ग. छह साल की मासूम का अपहरण कर दुष्कर्म करने के एक मामले में न्यायाधीश हरीश अवस्थी ने दरबार मोखली निवासी कुंजबिहारी (22 वर्ष) को दोषी ठहराया। उसे पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास से दंडित किया।

घटना 8 जनवरी 2014 की उतई थाना क्षेत्र की

अपहरण की दो अलग अलग धाराओं में अभियुक्त को 3और 5 साल सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई। उस पर 300 रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि जमा नही करने पर पांच माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। प्रकरण के मुताबिक घटना 8 जनवरी 2014 की उतई थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने पीडि़त परिवार की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ अपराध कायम किया गया। घटना के दिन मासूम के परिजन खेत गए थे। बच्ची घर पर अके ली थी। दोपहर डेढ़ बजे परिजन को सूचना मिली कि कोई अनजान व्यक्ति उसकी बेटी को साइकिल पर बैठा कर कहीं ले जा रहा है।

मासूम से रोने का कारण पूछा तब घटना का खुलासा हुआ

सूचना मिलते ही मासूम की मां अपने देवर के साथ खेत से लौटकर बेटी को गांव में तलाश करने लगी। इसी बीच ग्रामीणों ने जानकारी दी कि मासूम गांव के बाहर लगे ट्रांसफार्मर के पास रो रही है। परिजन ने मासूम से रोने का कारण पूछा तब घटना का खुलासा हुआ। मासूम के दोनों पैर खून से सने थे। प्रायवेट पार्ट्स से लगातार खून बह रहा था। मासूम ने जैसे ही घटना की जानकारी दी, परिजन ने मासूम को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को जानकारी दी। घटना के दूसरे दिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कराया।

पुनर्वास के लिए लिखा पत्र
न्यायाधीश ने फैसले में कहा है कि इस तरह की घटना से परिवार टूट जाता है। सामाज में गलत संदेश जाता है। क्षति का आंकलन तो नहीं किया जा सकता, लेकिन पुनर्वास के लिए सहायता का प्रावधान है। न्यायाधीश ने प्रतिकर राशि दिलाने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखा है।