21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुरैना से कृत्रिम पनीर लाकर बेच रहे थे सस्ते में, शिकायत पर तीन होटल में दबिश

त्योहार सीजन में नकली पनीर बिकने की शिकायत पर सोमवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने थ्री स्टार की सुविधा देने वाले एक होटल समेत दो रेस्टोरेंट में दबिश दी।

2 min read
Google source verification

image

Satya Narayan Shukla

Oct 04, 2016

Morena bringing artificial cheese are sold cheaply

Morena bringing artificial cheese are sold cheaply in three escaped on grievance

दुर्ग.
त्योहार सीजन में नकली पनीर बिकने की शिकायत पर सोमवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने थ्री स्टार की सुविधा देने वाले एक होटल समेत दो रेस्टोरेंट में दबिश दी। वहां बेचने के लिए रखे पनीर के सैंपल लिए गए। तीनों प्रतिष्ठानों से एक एक किलो के सैंपल पैक किया गया। सैंपल को जांच के लिए रायपुर लैब भेजा गया। अधिकारियों ने कहा कि पनीर मानक है या अमानक यह जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। विभाग की टीम की कार्रवाई करीब पांच घंटे चली।


150 रुपए वाला पनीर कैसा

पनीर और दूध के दाम में भारी अंतर के कारण नकली पनीर की शिकायत की गई। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बाजार में कई ऐसे रेस्टारेंट व डेयरी में पनीर को 150 से 180 रुपए प्रतिकिलो की दर से बेचा जा रहा है। अफसरों को यह दर हजम नहीं हो रहा। उनका कहना है कि यह पनीर नकली हो सकता है, जो खाने योग्य नहीं है। ऐसी जानकारी मिल रही है कि कृत्रिम रुप से तैयार किए गए पनीर मध्यप्रदेश के मुरैना से मंगाया जा रहा है। रेल मार्गसे आने के कारण आम तौर पर रेलवे स्टेशन के आसपास रेस्टारेंट, डेयरी संचालक और होटल संचालक इसी पनीर का उपयोग कर रहे हैं।


फार्मालीन मिलाकर सीलपैक किया

अधिकारियों ने बताया कि सैंपल में फार्मालीन मिलाकर इसलिए सीलपैक किया जाता है कि वह खराब न हो। आम तौर पर एक लैब में जांच के बाद उसे फिर से चेक करने दूसरे सैंपल को उच्चस्तरीय लैब भेजा जाता है। फार्मालीन मिलाने के कारण सैंपल लगभग एक वर्ष तक खराब नहीं होता। पांच सौ ग्राम खाद्य पदार्थ में फार्मालीन की 40 बूंदे मिलाई जाती है।


न्यायालय में प्रकरण पेश

रायपुर स्थित लैब से अगर सैंपल अमानक पाया जाता है तो खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी उस प्रतिष्ठान संचालक को नोटिस जारी करता है जहां से सैंपल जब्त किया जाता है। नोटिस में प्रतिष्ठान संचालक को एक मौका दिया जाता है। सैंपल को जांच के लिए फिर से सेंट्रल लैब कोलकाता भेजा जाता है। कोलकाता स्थित लैब अगर अमानक अथवा अनसेफ रिपोर्ट देता है तो फिर न्यायालय में प्रकरण पेश किया जाता है।


15 दिनों बाद आएगी रिपोर्ट

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने एक-एक किलो पनीर का सैंपल लेकर उसे बराबर चार हिस्सा किया। उसमें फार्मालीन मिलाने के बाद सील पैक कर रायपुर स्थित खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग के लैब भेजा गया। अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट पंद्रह दिनों बाद आएगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


ऐसे होगी कार्रवाई

सेंट्रल लैब कोलकाता की रिपोर्ट अगर अमानक आता है तो खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी प्रकरण को एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत करते हंै। इस न्यायालय में प्रतिष्ठान संचालक को तीन लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। सेंट्रल लैब कोलकाता खाद्य पदार्थ को अनसेफ अथवा मानव उपयोग से नुकसान की रिपोर्ट देता है तो अधिकारी प्रकरण को सीजेएम न्यायालय में प्रस्तुत करते हैं। दोष साबित होने पर दो वर्ष तक कारावास और दस लाख रुपए जुर्माना का प्रवधान है।


सस्ते में मिल रहा था पनीर

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की अधिकारी पुष्पाराज चौहान ने बताया कि कार्रवाई रूटीन में होते रहती है। सोमवार को हुई कार्रवाई शिकायत के आधार पर थी। जानकारी मिली थी कि पनीर सस्ते दामों में उपलब्ध कराया जा रहा है। सस्ते दाम वाला पनीर नकली है। इसे मुरैना से लाया जा रहा है। इसलिए हमने रेलवे स्टेशन को केन्द्रित कर जांच कार्रवाई शुरु की। सैंपल लेकर जांच के लिए रायपुर भेजा गया है।


ये भी पढ़ें

image