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इधर कंगना बांट रही थी मोबाइल, उधर अफसरों ने बदल दी तारीख, फिर तो हो गया बवाल

बिना सूचना के संचार क्रांति के तहत मुफ्त मोबाइल वितरण की तारीख बदले जाने पर निगम जनदर्शन में जमकर हंगामा हुआ।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Jul 31, 2018

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इधर कंगना बांट रही थी मोबाइल, उधर अफसरों ने बदल दी तारीख, फिर तो हो गया बवाल

दुर्ग. बिना सूचना के संचार क्रांति के तहत मुफ्त मोबाइल वितरण की तारीख बदले जाने पर निगम जनदर्शन में जमकर हंगामा हुआ। निगम प्रशासन ने पहले 30 जुलाई से शिविर लगाकर मोबाइल बांटने का ऐलान किया था। ऐन मौके पर तारीख बदल दिया गया।

कांग्रेसी पार्षद बिना सूचना तारीख बदले जाने से नाराज थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अफसर सत्ताधारी दल के इशारे पर राजनीतिक लाभ और विपक्षियों को दूर रखने शिविरों की तारीख और सूची देने में भेदभाव कर रहे हैं। कांग्रेसियों ने करीब आधे घंटे तक अफसरों को घेरे रखा।

निगम कमिश्नर लोकेश्वर साहू की गैरमौजूदगी के कारण ईई आरके पांडेय को ज्ञापन सौंपा और तत्काल तारीख और सूची की जानकारी की मांग की। इस पर ईई ने जल्द तारीख और सूची की जानकारी देने का भरोसा दिलाया। उसके बाद कांग्रेसी पार्षद लौटे।

कांग्रेसी पार्षदों ने पेंशन वितरण में देरी पर भी जनदर्शन में सवाल खड़े किए। पार्षदों ने बताया कि करीब 6 हजार हितग्राहियों को 3 माह से पेंशन नहीं मिल है। अफसरों ने बताया कि सीधे खाते में राशि जमा करने की व्यवस्था बनाई जा रही है। जल्द ही हितग्राहियों को समय पर मिलना शुरू हो जाएगा।

निगम सभापति राजकुमार नारायणी और नेता प्रतिपक्ष लिखन साहू के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेसी पार्षदों ने आरोप लगाया कि शिविरों की तारीख बदले जाने की जानकारी हितग्राहियों को भी नहीं दी गई थी। इस कारण हितग्राही भटकते रहे।

इससे नाराज हितग्राहियों का गुस्सा वार्ड के पार्षदों पर फूट रहा है और पार्षद निगम द्वारा जानकारी नहीं दिए जाने के कारण जवाब देने की स्थिति में नहीं है। पार्षद सुरेन्द्र राजपूत, लीलाधर पाल, अनूप चंदनिया, प्रकाश गीते, विजयंत पटेल, राजकुमार वर्मा, प्रेमलता साहू, जमुना साहू, लुमन शामिल थे।

इधर विधायक अरुण वोरा ने भी संचार क्रांति के मुफ्त मोबाइल वितरण के मामले मे निगम प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है। वोरा ने बताया कि निगम प्रशासन द्वारा 30 जुलाई को शिविर लगाकर मोबाइल वितरण की सूचना प्रसारित कराया गया था, लेकिन कहीं भी शिविर नहीं लगाया गया। इससे लोग भटकते रहे। शिविर स्थगित होने की जानकारी भी किसी को नहीं दी गई।