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छत्तीसगढ़ का पहला व देश का 17वां आईआईटी भिलाई में, जानिए इससे जुड़ी कुछ रोचक बातें

छत्तीसगढ़ का पहला और देश का १७वां आईआईटी (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी) भिलाई में खुल रहा है। इसके लिए भिलाई के कुठेलाभाठा में 349 एकड़ व सिरसा खुर्द में 83 एकड़ जमीन चिन्हंकित की गई है।

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Satya Narayan Shukla

Apr 28, 2016

The first and the country's 17th IIT in Bhilai

The first and the country's 17th IIT in Bhilai

भिलाई
. छत्तीसगढ़ का पहला और देश का १७वां आईआईटी (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) भिलाई में खुल रहा है। इसके लिए भिलाई के कुठेलाभाठा में 349 एकड़ व सिरसा खुर्द में 83 एकड़ जमीन चिन्हंकित की गई है। भिलाई आईआईटी का संचालन सत्र 2016-17 से शुरू होगा।


अस्थाई संचालन गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर में

शुरुआती दौर में विभिन्न ब्रांच की 180 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। भिलाई में स्थाई कैम्पस बनने तक आईआईटी का अस्थाई संचालन गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर में किया जाएगा।भिलाई एजुकेशन हब के रूप में देश में अपनी अलग पहचान बनाया है। भिलाई में १७ इंजीनियरिंग कॉलेज व १ प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है। जो राज्य के किसी भी शहर में नहीं है। इसके बाद आईआईटी जैसे बड़े संस्थान का यहां खुलना भिलाई की उपलब्धि के साथ यहां शिक्षा व इससे जुड़े वातावरण का ही परिणाम है।


भिलाई में आईआईटी के लिए सपने देखने की शुरुआत

-13 जुलाई 2007- विधानसभा में विधायक देवजी भाई पटेल ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नगरी भिलाई जिला दुर्ग में आईआईटी की स्थापना का एक अशासकीय संकल्प (प्रस्ताव क्रमांक-6 ) लाया।

-29 फरवरी 2008 - प्रदेश के तत्कालीन राज्य मंत्री तकनीकी शिक्षा ने को केंद्रीय माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र (अद्र्ध शासकीय ) लिखकर आग्रह किया।

-13 मार्च 2008 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी प्रधानमंत्री के नाम अद्र्ध शासकीय पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में आईआईटी खोलने का आग्रह किया।

-7 फरवरी 2014- आरंग के विधायक नवीन मारकंडेय के अशासकीय संकल्प पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रदेश का पहला आईआईटी भिलाई में ही खोलने का स्थाई संकल्प दोबारा सर्वसम्मति से पारित हुआ।


भिलाई में ऐसे शुरु हुआ आईआईटी का सफर

10 जून 2014 में केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ में आईआईटी खोलने को लेकर प्रस्ताव पारित हुआ। इसके बाद से ही यहां आईआईटी के लिए सपने देखने का सफर चालू हुआ। भिलाई में बनने वाला छत्तीसगढ़ का आईआईटी के लिए कुटेलाभाठा में प्रस्तावित जमीन के आवंटन की जरूरी प्रक्रिया हो गई।


कई जद्दो जहद के बाद कुठेलाभाठा का चयन

छत्तीसगढ़ में जैसे ही आईआईटी खोलने का प्रस्ताव पारित हुआ। इसके बाद राज्य में आईआईअी कहा बनेगा इसके लिए चर्चाएं होने लगी। राजनीति भी इसपर हावी हो गया। इसके बाद भिलाई और रायपुर में आईआईटी बनने को लेकर चर्चाए होने लगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भिलाई में आईआईटी खुलने का संकेत देते हुए आईआईटी खुनने को लेकर शहर के संशय पर विराम लगा दिया।


इस तरह होगा भिलाई को फायदा

-आईआईटी के खुलने के कारण प्रभिाओं का पलायन नहीं होगा

-यहां के क्षेत्र का तेजी से विकास।

- देश व विदेशों से भी नई तकनीक यहां आएगी।

- उच्च स्तरीय शिक्षा का विकास होगा।

- शोध कार्य में अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों व विवि को भी नई तकनीक व मदद भी मिलेगी।

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- इंजीनियंरिंग कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा।


आईआईटी के लिए इन स्थानों चयन पहले हुआ था

आईआईटी के लिए सबसे पहले भिलाई के नेवई भाठा का चयन हुआ। लेकिन इसमें खामियों के चलते फिर दूसरी जगह तलाशनी शुरू हो गई। बीच में सांकरा व नया रायपुर का भी नाम सामने आया। लेकिन अंत में भिलाई स्थित कुठेला भाठा में आईआईटी बनने को लेकर अंतिम मुहर लग गई।


ऐसे जाने आईआईटी को...

-आईआईटी देश में सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग रिसर्च संस्थान है इसकी संख्या पूरे भारत में सिर्फ 16 है।

-यहां शिक्षित अभियंताओं व शोधार्थियों की पहचान देश के अलावा विदेशों में है।

-आईआईटी की प्रसिद्धी चलते इंजीनियरिंग करने के इच्छुक विद्यार्थियों का इन संस्थानों में प्रवेश पाना उनका सपना होता है।

-आईआईटी प्रवेश के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षा जेईई दुनिया में सबसे कठित परीक्षा मानी जाती है।


आईआईटी के लिए परीक्षा का आयोजन ....

आईआईटी के लिए प्रवेश परीक्षा (जेईई) दो हिस्सों में आयोजित की जाती है। एक है मेन और दूसरा एडवांस। आईआईटी के लिए आवेदन करने वाले बच्चे पहले मेन के लिए आवेदन देते हैं। इसमें सफलता के बाद जेईई एडवांस परीक्षा में शामिल होते हैं। यह परीक्षा मुख्य परीक्षा के कुछ सप्ताह बाद होती है। जेईई एडवांस के जरिए आईआईटी में दाखिले के लिए किसी छात्र को अपने कक्षा 12 बोर्ड अंक चाहिए होते हैं।


इस वर्ष जेईई में हुए बदलाव, अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा मौका

इस वर्ष अधिक छात्रों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा। पिछले वर्ष जेईई मेन्स परीक्षा में शीर्ष 1.5 लाख उम्मीदवारों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने का अवसर मिला था। लेकिन इस वर्ष यह संख्या बढ़ा कर 2 लाख कर दी गयी है। आईआईटी ने अपनी प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस में 35 फीसदी से कम अंक प्राप्त करने पर सीटें खाली रह जाने पर भी छात्रों को न लेने का निर्णय लिया है। इस वर्ष यह परीक्षा आयोजित कर रहे आईआईटी गुवाहाटी ने परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया हैा


संशोधित नियम को भी जानें...

- सामान्य वर्ग के लिए हर विषय में अलग अलग 10 प्रतिशत कुल न्यूनतम एग्रीगेट 35 प्रतिशत होना आवश्यक है।

- ओबीसी के लिए हर विषय में अलग-अलग 9 प्रतिशत और कुल न्यूनतम एग्रीगेट 31.1 प्रतिशत जरूरी है।

- एससी-एसटी व विकलांग के लिए हर विषय में अलग-अलग 5 प्रतिशत, कुल न्यूनतम एग्रीगेट 17. 5 प्रतिशत आवश्यक।


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