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सुगंधित धान की खेती से किसान की बनी अलग पहचान

कृषि को परम्परागत तरीके से हटकर वैज्ञानिक पद्धति  से करें तो वह अपनी अलग पहचान बनाता है और समृद्ध जीवन की ओर आगे बढ़ जाता है।

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Satya Narayan Shukla

Sep 09, 2016

The identity of fragrant rice farmers

The identity of fragrant rice farmers

दुर्ग.
आमतौर पर खेती-किसानी करने वाला व्यक्ति साधारण जिदंगी ही जी पाता है तथा औरों की तरह सुख-समृद्धि का अरमान उसका सपना बना रहता है। लेकिन अगर वह कृषि को परम्परागत तरीके से हटकर वैज्ञानिक पद्धति से करें तो वह अपनी अलग पहचान बनाता है और समृद्ध जीवन की ओर आगे बढ़ जाता है।


मात्र 0.40 हेक्टेयर जमीन में सुगंधित धान की खेती

यह कर दिखाया है विकासखंड पाटन के ग्राम अरसनारा के किसान गुरूदेव साहू ने। गुरूदेव ने यह कारनामा अपनी मात्र 0.40 हेक्टेयर जमीन में सुगंधित धान की खेती करके किया है। उनका कहना है कि पहले वह सामान्य किसानों की तरह खेती करता था। खेती की लागत और खर्चे को निकाल कर उसे केवल 4300 रुपए सालाना तक आमदनी हो पाती थी।


जैविक खेती मिशन योजना

अब वह जैविक खेती मिशन योजना के अंतर्गत सुगंधित धान की खेती कर रहा है। इससे उसे बहुत ज्यादा मुनाफा हुआ। उनकी आय 49 हजार 500 रुपए हो गई है। उन्होंने बताया कि उनकी समृद्धि और सफलता का राज सुगंधित धान की खेती है। इससे अब उसके घर में समृद्धि के साथ खुशहाली आई है।

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