
इस विवि में रिजल्ट आने से पहले तीन छात्रों ने खुद आवेदन देकर निरस्त करा ली परीक्षा, यह था कारण
भिलाई. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के तीन छात्रों ने खुद ही आवेदन देकर अपनी परीक्षा निरस्त करा ली। छात्रों ने यह निर्णय सिर्फ माइग्रेशन सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए लिया। विवि की कार्यपरिषद ने इसकी अनुमति दी। वजह यह है कि तीनों छात्रों का प्रदेश के बाहर किसी संस्थान में प्रवेश पक्का हो गया है, इसके लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट जरूरी था।
बीएससी प्रथम वर्ष के थे छात्र
यह तीनों छात्र बीएससी प्रथम वर्ष के हैं। दरअसल, विवि ने नियमों का हवाला देकर कहा था कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद ही उन्हें माइग्रेशन दिया जा सकता। ऐसे में छात्रों को यह रास्ता सुझाया गया कि यदि वे अपनी परीक्षा निरस्त कराते हैं तो इस स्थिति में विशेष अनुमति लेकर सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे।
परीक्षा परिणाम जारी किए
छात्रों के आवेदन कार्यपरिषद की बैठक में रखे गए। छात्रों को अन्य संस्थानों में प्रवेश लेने दिक्कत न हो इसलिए ईसी ने उन्हें अनुमति दे दी। विवि ने शनिवार को बीएससी द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम जारी किए। इस परीक्षा में ७३१३ विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से ३९५५ उत्तीर्ण हुए। १८३१ अनुत्तीर्ण हैं, जबकि १३७५ को पूरक दिया गया है।
विफल साबित हुआ विवि
नकल के 36 मामलों और 116 विद्यार्थियों का रिजल्ट रोकने के बाद परीक्षा परिणाम ५४.०८ फीसदी रहा। विवि शैक्षणिक कैलेंडर के हिसाब से परीक्षा परिणाम जारी करने में विफल साबित हो रहा है। अब भी बीएससी प्रथम वर्ष सहित कई विषयों के नतीजे घोषित नहीं हो सके हैं।
कार्यपरिषद ने दी अनुमति
उप कुलसचिव हेमचंद यादव विश्वविद्यालय भूप्रेंद्र कुलदीप ने बताया कि तीन विद्यार्थी हैं, जिन्होंने अपनी परीक्षा निरस्त कराने आवेदन दिया था। उनका चयन किसी अन्य संस्थान में हो गया है, इसलिए उन्हें माइग्रेशन सर्टिफिकेट चाहिए था। उन्होंने सिर्फ फार्म ही भरा था, परीक्षा नहीं दी। कार्यपरिषद में यह मुद्दा रखा गया था, जिसे अनुमति दे दी गई। वैसे भी यदि वे परीक्षा निरस्त नहीं कराते तो उनके सर्टिफिकेट में फेल लिखा रहता, इससे उन्हें और दिक्कत होती।
Published on:
19 Aug 2018 12:19 pm
बड़ी खबरें
View Allदुर्ग
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
