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पढऩे की उम्र में दरिंदे ने कर दिया मासूम को गर्भवती, छह माह तक लगातार बलात्कार, घर वालों को भनक तक नहीं लगी

नाबालिग से दुष्कर्म (Rape in Durg) के मामले में बुधवार को न्यायालय में फैसला सुनाया गया। न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने 13 साल की नाबालिग से 6 माह तक दुष्कर्म करने पर विजय लाल उर्फ भुवन (30) को दोषी ठहराया है। (Durg District court)

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Aug 29, 2019

पढऩे की उम्र में दरिंदे ने कर दिया मासूम को गर्भवती, छह माह तक लगातार बलात्कार, घर वालों को भनक तक नहीं लगी

पढऩे की उम्र में दरिंदे ने कर दिया मासूम को गर्भवती, छह माह तक लगातार बलात्कार, घर वालों को भनक तक नहीं लगी

दुर्ग. नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बुधवार को न्यायालय में फैसला सुनाया गया। न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने 13 साल की नाबालिग से 6 माह तक दुष्कर्म करने पर विजय लाल उर्फ भुवन (30) को दोषी ठहराया है। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने फैसले में स्पष्ट किया है कि आजीवन कारावास का तात्पर्य है कि अभियुक्त को जीवन के अंतिम क्षण तक जेल की चार दीवारी में रहना होगा। न्यायालय ने उस पर 10,100 रुपए का जुर्माना भी लगाया।

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डर का उठाया फायदा
पीडि़ता के गर्भवती होने पर इस घटना का खुलासा हुआ। तब परिजन नाबालिक को लेकर थाना गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 16 जुलाई 2015 को एफआइआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। पीडि़त नाबालिग ने पुलिस को बताया कि विजय लाल उर्फ भुवन उसे यह बोल कर डराता था कि अगर उसने किसी को बताया तो उसके परिवार को मरवा देगा या फिर खुद आत्महत्या कर उसके परिवार के सदस्यों को जेल भेजवा देगा। इससे वह डर गई और चुप रही। इसका फायदा अभियुक्त उठाता रहा।

पीडि़ता को पुनर्वास के लिए सहायता
फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि किसी तरह की आर्थिक मदद कर क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती। प्रवधानों के तहत पुनर्वास के लिए पीडि़ता को आर्थिक सहायता मिलनी ही चाहिए। इसके लिए उन्होंने जिला विधिक सहायता को पत्र लिखा है। अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल वर्मा ने बताया कि इस प्रकरण में आरोप प्रमाणित था। न्यायालय ने नाबालिग के साथ होने वाली घटनाओं के लिए गंभीरता दिखाई और दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।