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छत्तीसगढ़ में खाद की किल्लत, कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा मोदी सरकार कर रही प्रदेश के साथ भेदभाव

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए 11.75 लाख मीट्रिक टन खाद की डिमांड की गई थी, मोदी सरकार के प्रदेश के साथ भेदभाव करते हुए अब तक महज 5.26 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराया है।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Aug 07, 2021

छत्तीसगढ़ में खाद की किल्लत, कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा मोदी सरकार कर रही प्रदेश के साथ भेदभाव

छत्तीसगढ़ में खाद की किल्लत, कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा मोदी सरकार कर रही प्रदेश के साथ भेदभाव

दुर्ग. खाद की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कांग्रेसियों ने यहां विरोध में गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए 11.75 लाख मीट्रिक टन खाद की डिमांड की गई थी, लेकिन मोदी सरकार के प्रदेश के साथ भेदभाव करते हुए अब तक महज 5.26 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराया है। कांग्रेस नेताओं ने धरना के दौरान जनता के सामने इसका ब्यौरा भी रखा। धरने के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। (Fertilizer shortage in Chhattisgarh )

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केंद्र सरकार को बताया जिम्मेदार
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बताया कि खरीफ 2021 सीजन के लिए राज्य सरकार द्वारा 11.75 लाख टन रासायनिक उर्वरकों के आपूर्ति की मांग की गई थी। इसके विरूद्ध 7 जुलाई तक छत्तीसगढ़ को मात्र 5.26 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद प्रदाय की गई हैं। जो मांग का 45 प्रतिशत है। जिसके चलते राज्य में रासायनिक खाद की किल्लत बनी हुई है। यही वजह है कि राज्य में किसानों की मांग के अनुसार रासायनिक उर्वरकों की पूर्ति में दिक्कत हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि प्रदेश को 5.50 लाख टन यूरिया की मांग के विरूद्ध 2.32 लाख टन आपूर्ति की गई है। जो मात्र 42 फीसदी है।

मांग का केवल 38 प्रतिशत खाद मिला केंद्र से
इसी तरह डीएपी खाद की 3.20 खाद मीट्रिक टन मांग के विरूद्ध अब तक 1.21 लाख टन खाद प्रदाय की गई हैं। यह मांग का मात्र 38 प्रतिशत है। एनपीके उर्वरक की 80 हजार मीट्रिक टन की मांग के बदले अब तक मात्र 48 हजार मीट्रिक टन तथा एमओपी उर्वरक 75 हजार मीट्रिक टन के विरूद्ध 45 हजार मीट्रिक टन की आपूर्ति की गई हैं। राज्य के लिए 1.50 लाख मैट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट के मांग के विरूद्ध अब तक 80 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही मिला हैं, जो कि मांग का मात्र 54 प्रतिशत है। धरना प्रदर्शन को विधायक अरुण वोरा, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य आरएन वर्मा, पूर्व महापौर शंकर लाल ताम्रकार, परमजीत सिह भुई, देवेन्द्र मिश्रा, अजय मिश्रा, अनीस रजा, किसान नेता कल्याण सिंह ठाकुर ने संबोधित किया।