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घर में लक्ष्मी पूजा के दीये की लौ से लगी आग, माता के चरणों में अर्पित 2.17 लाख रुपए समेत गहने जलकर हुए राख

ह रकम कोरोना के घर के मुखिया की मौत के बाद इंश्योरेंस से मिले थे। जिसे परिवार ने लक्ष्मी पूजा के दिन प्लेट पर सजाकर माता के चरणों में अर्पित किए थे।    

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Nov 07, 2021

घर में लक्ष्मी पूजा के दीये की लौ से लगी आग, माता के चरणों में अर्पित 2.17 लाख रुपए समेत गहने जलकर हुए राख

घर में लक्ष्मी पूजा के दीये की लौ से लगी आग, माता के चरणों में अर्पित 2.17 लाख रुपए समेत गहने जलकर हुए राख

दुर्ग. लक्ष्मी पूजा की रात कलश के दीये के लौ से आग लग गई और पूजा के बाद डिब्बे में रखे 2 लाख 17 हजार रुपए समेत सोने-चांदी के गहने जलकर राख हो गए। यह रकम कोरोना के घर के मुखिया की मौत के बाद इंश्योरेंस से मिले थे। जिसे परिवार ने लक्ष्मी पूजा के दिन प्लेट पर सजाकर माता के चरणों में अर्पित किए थे। यह घटना दुर्ग के शक्ति नगर वार्ड 18 की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मोहन नगर टीआई जितेंद्र वर्मा ने बताया इस मामले में शिकायत मिलिंद कुमार देवांगन (34) ने की है। कोरोना काल में उसके पिता की मौत हो गई थी। इंश्योरेंस से पैसे मिले थे। इसके अलावा उसी मेंघर के पैसे भी शामिल थे। दीपावली पर्व के अवसर पर 4 नवंबर की रात अपनी मां रुकमणी देवांगन के कमरे के बाजू में बने कमरे में लक्ष्मी पूजा की थी। विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद एक ज्योति कलश को जलाकर रखा था।

पूजा के बाद पटाखे फोड़कर सब सो गए
पूजा के बाद परिवार के लोगों ने पटाखे फोड़े। उसके बाद सभी लोग सो गए। शुक्रवार को सुबह उठकर देखा तो ज्योति कलश जल रहा था। इसके बाद सभी लोग अपने अपने काम पर लग गए। दोपहर करीब 3.30 बजे ज्योति कलश की आग बाजू में रखे लकड़ी के रैक में लग गई। जब तक पता चलता रैक पूरी तरह जल गई थी।

प्लास्टिक के डिब्बे में थे रुपए गहने
रैक के अंदर प्लास्टिक के डिब्बों में सोने व चांदी के जेवर और एक अलग प्लास्टिक के डिब्बे में 2 लाख 17 हजार रुपए नगद रखे थे। डिब्बों में आग लगने से जेवर प्लास्टिक में चिपक गए। नगदी में 1 लाख 51 हजार पूरी तरह से जल गए। 66 हजार रुपए अधजले मिले। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इंश्योरेंस मिले व घर के पैसे थे
जांच अधिकारी एएसआई किरेंद्र सिंह ने बताया मिलिंद दुर्ग में ही सरकारी राशन की दुकान चलाता है। उसने बताया कि उसके पिता मनोहर लाल देवांगन की मौत कोरोना संक्रमण से हो गई थी। इंश्योरेंस के 70 हजार रुपए मिले थे। उस रकम के साथ घर के रुपए को डब्बे में रखा था।