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सिचाई विभाग के रिश्वतखोर ईई को पांच साल की सजा, पक्षद्रोह गवाह पर चलेगा मुकदमा

सिविक सेंटर भिलाई में 54 हजार रिश्वत लेने वाले जल संसाधन के ईई मैक्सी कुजूर (47वर्ष) को न्यायालय ने दोषी ठहराया।
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दुर्ग

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 26 Jun 2018, 8:57 PM IST

Durg crime

सिचाई विभाग के रिश्वतखोर ईई को पांच साल की सजा, पक्षद्रोह गवाह पर चलेगा मुकदमा

दुर्ग. सिविक सेंटर भिलाई में 54 हजार रिश्वत लेने वाले जल संसाधन के ईई मैक्सी कुजूर (47वर्ष) को न्यायालय ने दोषी ठहराया। न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर ने आरोपी को रिश्वत लेने की धारा के तहत 5-5 वर्ष कारावास की सजा दी गई। दोनों ही धाराओं के तहत आरोपी पर 20 हजार जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस प्रकरण में पक्षद्रोह घोषित हुए साक्षी पर मुकदमा चलाने का निर्देश न्यायाधीश ने दिया है।

आरोपी के जैकेट से रिश्वत की रकम 54 हजार जब्त
एसीबी के अधिकारियों ने 30 दिसंबर 2014 को रिश्वत लेते आरोपी मैक्सी कुजूर को गिरफ्तार किया था। एसीबी ने आरोपी के जैकेट से रिश्वत की रकम 54 हजार जब्त किया था। इसके बाद आरोपी के आशीष नगर स्थित आवास और कार्यालय से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किया था। इस मामले में ईई की बाइक को भी जब्त किया गया था।

चेक भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत
इस मामले में विनित कंस्ट्रक्शन के मैनेजर लक्ष्मीकांत निड़ेजक ने एसीबी से शिकायत की थी। बारिश के बाद काम शुरू करने से पहले वह पुराना भुगतान लेने ईई कार्यालय पहुंचा था। वह ८.६० लाख रुपए के चेक देने लगातार घुमा रहा था। ईई का कहना था कि ४.७५ प्रतिशत की दर से पहले ५४००० रुपए कमीशन देने के बाद ही चेक जारी किया जाएगा। एसीबी के निर्देश पर मैनेजर घटना के दिन डिंमाड की गई रकम जिसमें 500 के 98 नोट और 1000 के 5 नोट के चिन्हित नोट लेकर सिविक सेंटर पहुंचा था।

साक्षी पर चलेगा मुकदमा
एसीबी की दबिश के समय कलक्टर द्वारा नियुक्त साक्षी वन संरक्षक विनोद मिश्रा व ईई श्रीचंद झा घटना स्थल पर उपस्थित थे। दोनों साक्षी की उपस्थिति में पूरी कार्यवाही की गई। सुनवाई के दौरान दोनों को न्यायालय ने पक्षद्रोह घोषित कर दिया। फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि साक्षी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है,लेकिन साक्षी ने न्यायहित का कार्य नहीं किया। इसलिए दोनों साक्षी के खिलाफ धारा ३४४ के तहत कार्यवाही कर प्रकरण दर्ज किया जाए।