
Chhattisgarh का ऐसा गांव जिसका मनाते हैं जन्मोत्सव, प्रधानमंत्री मोदी भी कायल...
हम बात कर रहे हैं दुर्ग संभाग मुख्यालय से सात किमी दूर स्थित ग्राम हनोदा की। ग्राम के यशवंत बताते है कि जन्मोत्सव का आयोजन गायत्री परिवार की अगुवाई में ग्रामीणों द्वारा मिलकर किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राम को सभी क्षेत्रों में आदर्श बनाना है। समाज के बेहतर करने के लिए लोगों को प्रेरित करने जन्मोत्सव पर सेना, शासकीय सेवा, खेल, सामाजिक गतिविधियों व अन्य फील्ड में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, नारी जागरूकता, प्लास्टिक मुक्ति, जल संरक्षण व समाज को बुराई मुक्त बनाने का संकल्प लिया जाता है। इसी के अनुरूप पूरे साल गतिविधियां आयोजित की जाती है। हम बात कर रहे हैं संभाग मुख्यालय से सात किमी दूर स्थित ग्राम हनोदा की। ग्राम के यशवंत बताते है कि जन्मोत्सव का आयोजन गायत्री परिवार की अगुवाई में ग्रामीणों द्वारा मिलकर किया जाता है।
इसका मुख्य उद्देश्य ग्राम को सभी क्षेत्रों में आदर्श बनाना है। समाज के बेहतर करने के लिए लोगों को प्रेरित करने जन्मोत्सव पर सेना, शासकीय सेवा, खेल, सामाजिक गतिविधियों व अन्य फील्ड में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, नारी जागरूकता, प्लास्टिक मुक्ति, जल संरक्षण व समाज को बुराई मुक्त बनाने का संकल्प लिया जाता है। इसी के अनुरूप पूरे साल गतिविधियां आयोजित की जाती है।
आज मनेगा जन्मोत्सव
इस बार 11 फरवरी को 9वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। यशवंत ने बताया कि कार्यक्रम दोपहर 1 बजे शुरू होगा और मंत्री ताम्रध्वज साहू, सांसद विजय बघेल सहित तमाम क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे। कार्यक्रम में ग्राम गौरव सम्मान के साथ संयुक्त परिवार सम्मान, बुजुर्ग सम्मान, प्रतिभा सम्मन, नशामुक्त परिवार सम्मान दिया जाएगा।
मोदी ने भाषण में किया जिक्र
ग्राम का जन्मोत्सव मनाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसकी प्रशंसा कर चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2016 में पंचायत प्रतिनिधियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते जन्मोत्सव वाले ग्राम के रूप में जिक्र किया था। ग्रामीण इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखते है।
ऐसी हुई शुरूआत
यशवंत बताते हैं कि 11 फरवरी वर्ष 2014 को ग्राम के 54 परिवारों ने अपने पूर्वजों की याद में 1400 पौधे रोपे और इनका संरक्षण कर बड़ा करने का फैसला किया। बाद में इस इसकी याद को बनाए रखने के लिए इस दिन को ग्राम जन्मोत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया गया। वर्ष 2015 से यह क्रम लगातार चल रहा है।
Published on:
11 Feb 2023 02:14 pm
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