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कभी चलाता था रिक्शा,आज कमा रहा 40 लाख,पढि़ए कामयाबी की कहानी

कहा जाता है कि अगर हौसला हो तो हर मुश्किल आसां हो जाती है। यह बात धरमवीर सिंह कम्बोज पर सटीक बैठती है
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Subhesh Sharma

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Updated: 29 Sep 2015, 3:45 PM IST

dharamveer singh kamboj

dharamveer singh kamboj

दुर्ग। कहा जाता है कि अगर हौसला हो तो हर मुश्किल आसां हो जाती है। यह बात धरमवीर सिंह कम्बोज पर सटीक बैठती है। कभी रिक्शा चलाने वाला धर्मवीर सिंह ने आज खुद का बिजनेस खड़ा कर दिया है और सालाना 40 लाख रुपए कमा रहा है। अपने दम पर कुछ नया करने की चाहत के चलते धरमवीर ने वो मुकाम हासिल किया है जो हर कोई पाना चाहता है।

यहां से मिला खुद का बिजनेस शुरु करने का आइडिया

1963 में जन्मे धरमवीर को 2004 में राजस्थान में एलोवेरा और आंवला प्रोसेसिंग यूनिट में किसानों के एक समूह के साथ जाने का मौका मिला। यहीं से उन्हें खुद का बिजनेस शुरु करने का आइडिया मिला, लेकिन मशीनों की कीमतों के बारे में जानकर वह हैरान रह गए लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपने प्लान को ड्रॉप करने की बजाए उन्होंने खुद की मशीन बनाने का फैसला किया। अप्रैल 2006 में धरमवीर ने खुद की मशीन बनाई, जो कि शुरुआती स्तर पर एलोवेरा का ज्यूस निकालने के काम में आती थी। इसके बाद उन्होंने मशीन में कुछ नए सुधार कर उसे मल्टी-पर्पज मशीन में तब्दील किया।

क्या है मशीन की खासियत

धरमवीर द्वारा बनाई गई मल्टी पर्पज मशीन एक पोर्टेबल मशीन है, जिसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। मशीन सिंगल फेज मोटर पर काम करती है और इसकी मदद से कई तरह के फलों, बूटियों और बीजों की प्रोसेसिंग भी संभव है। साथ ही इसमें टेंपरेचर कंट्रोल और कंडनसेशन मेकेनिज्म जैसे कई अन्य फीचर्स भी मौजूद हैं। ये मशीन दो मॉडल्स में उपलब्ध है। एक 50 किलो ग्राम और दूसरी 150 किलोग्राम कैपेसिटी वाली है।

इसने की सपना पूरा करने में मदद

अपना सपना पूरा करने और बिजनेस को बढ़ाने के लिए माइक्रो वेंचर इनोवेशन फंड (एमवीआईएफ) के तहत एनआईएफ और जीआईएएन नॉर्थ ने उनकी मदद की। मल्टी पर्पज मशीन के लिए धरमवीर के नाम से एक पेटेंट एप्लीकेशन भी फाइल की जा चुकी है। धरमवीर ने देश के कई राज्यों में अपनी मशीन बेची है, इसके अलावा उन्होंने एक मशीन केन्या भी एक्सपोर्ट की है। कभी रिक्शा चलाने वाले धरमवीर आज कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंच चुके हैं और उनका टर्नओवर 40 लाख रुपए का है।