
दुर्ग . अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने में असफल अफसर पकड़े मामलों पर कार्रवाई को लेकर भी गंभीर नहीं है। राजस्व न्यायालयों में इस साल अवैध प्लाटिंग से जुड़े 403 प्रकरणों दर्ज किए पर निराकारण आधा भी नहीं हुआ है। साल भर में सिर्फ 134 प्रकरणों का ही निबट पाए है। पिछले सालों के १९० मिलकर कुल ४५९ प्रकरण लंबित है।
आबादी के विस्तार के साथ जगह की कमी और जमीन की बढ़ती कीमतों ने अवैध प्लाटिंग करने वाले कारोबारियों का धंधा चमका दिया है। अब तो मास्टर प्लान की आड़ में कृषि भूमि, ग्रीनलैंड,खेल मैदान, पार्क,सड़क के किनारे छोड़ी गई जमीन पर भी प्लाटिंग की जा रहा है।
पांच साल पुराने प्रकरण भी लंबित
अतिरिक्त तहसीलदार दुर्ग के न्यायालय में 5 साल से भी ज्यादा पुराने 5 मामले पेंडिंग हैं। इसी तरह 19 मामले 2 से 5 साल और 34 मामले एक से 2 साल पुराने हैं। पिछले साल के भी 190 मामले लंबित पड़े हैं। भू-राजस्व संहिता 1959 के प्रावधान के मुताबिक अवैध प्लाटिंग के मामलों में जुर्माना वसूली के साथ रजिस्ट्री शून्य घोषित किया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में केवल नोटिस से काम चलाया जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देश के बाद अधिग्रहण
निगम क्षेत्र में कलेक्टर के निर्देश के बाद अब 10 अवैध प्लाटिंग के मामलों में 30 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो पाया है। प्रबंधन अधिनियम की धारा के तहत राजस्व न्यायालय में परिवाद भी पेश गया है। शहर की सीमा के गांव धनोरा, पुरई, उतई, उमरपोटी, खम्हरिया, नगपुरा, खपरी, जेवरा, सिरसा, करंजा भिलाई, कचांदुर, ढौर, कुरूद, चंदखुरी, बोरई, कोलिहापुरी, अंडा आदि में तो बस्तियां तक बस गई हैं।
सीधी बात संजय अग्रवाल अपर कलेक्टर
Q अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लगाई जा रही है?
A लगातार कार्रवाई की जा रही है। लोगों को सचेत किया जा रहा है। अवैध कब्जे और अवैध प्लाटिंग के मामलों को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है।
Q शहर से लगे ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि की प्लाटिंग की जा रही है। कई जगह इसका बोर्ड भी टांग कर रखा गया है। कार्रवाई का पता नहीं है।
A इसके लिए मैदानी स्तर के अधिकारियों को विशेष रूप से निगरानी के निर्देश दिए हैं। ऐसे मामलों में प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।
Q अवैध प्लाङ्क्षटग के दर्ज प्रकरणों के निराकरण की गति भी बहुत कमजोर है। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरण अधिक हैं।
A कार्रवाई की जानकारी भी मंगाई गई है। प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की जाएगी।
आउटर्स में अविकसित कॉलोनियां
अविकसित कॉलोनी पंचशील नगर,विजय नगर, राम नगर,आकाश नगर,जयंती नगर, मीनाक्षी नगर के खुले क्षेत्र में आउटर के गांव करहीडीह, उरला, पोटिया में भी प्लाटिंग का कारोबार चल रहा है।
Published on:
05 Mar 2018 11:18 am
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