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यहां लाइसेंसी बंदूक मामले में बंदर के हाथ में उस्तरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही

पुलिस ने थानेवार 1041 लाइसेंसधारियों का सूची बनाई तो बंदर के हाथ में उस्तरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

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Durg crime

यहां लाइसेंसी बंदूक मामले में बंदर के हाथ में उस्तरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही

भिलाई. पुलिस लाइसेंसी बंदूक रखने वालों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। गड़बड़ी मिलने पर उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। पुलिस ने थानेवार 1041 लाइसेंसधारियों का सूची बनाई तो बंदर के हाथ में उस्तरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। जिले में अब तक की जांच में २६ लाइसेंसधारी ऐसे मिले है, जिसके खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा ऐसे भी कई लाइसेंसधारी है, जो शहर छोड़ चुके है या फिर उनकी मौत हो चुकी है। छानबीन के बाद ऐसे लोगों का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

तय मापदंड पर खरा नहीं तो लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई

लोगों की शिकायत पर दुर्ग रेंज आईजी जीपी सिंह ने गैगस्टर तपन सरकार के गुर्गो की धरपकड़ करवाई। उसी दौरान तपन के करीबी अन्नु दुबे के पास से पुलिस ने बंदूक बरामद किया। जांच में यह पता चला कि लाइसेंस परिवार के किसी सदस्य के नाम से मिला था। इस घटना के बाद आईजी ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को कैसे लाइसेंस मिला? इसकी जांच करें। यदि तय मापदंड पर खरा नहीं मिलता तो लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करें।

अपराधियों को कैसे मिल गया लाइसेंस

लाइसेंसी बंदूकधारी अपराधिक लोगों में ज्यादतर दुर्ग-भिलाई शहरी क्षेत्र में रहने वाले है। लाइसेंस के लिए पुलिस वेरिफिकेशनव अन्य कई जांच प्रकिृया से गुजरना पड़ता है। गृह विभाग से फाइल अप्रुवल होने के बाद ही लाइसेंस जारी किए जाते है। इसके बाद भी २६ लोग ऐसे मिले है, जिनके खिलाफ अपराधिक प्रकरण थाना में दर्ज है।

पुलिस इन नियम शर्तो पर कर रही जांच
- पुलिस बंदूकधारी के फिटनेस की जांच कर रही है। अक्षम लाइसेंसी के लाइसेंस को निरस्त करने की अनुशंसा की जाएगी। होगी।
-अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ केस होगा, तो लाइसेंस जब्त कर लिया जाएगा।
-लाइसेंसधारी यदि शहर से बाहर रहने लगा है। या फिर उसकी मौत हो चुकी है। ऐसे लाइसेंस जब्त होंगे।

बड़ा सवाल
-अपराध में संलिप्त लोगों को लाइसेंस किस आधार पर जारी कर दिया गया?
-आखिर उनका वेेरिफिकेशन किस आधार पर किया गया?
-यदि लाइसेंस जारी होने के बाद अपराध घटित हुआ तो पुलिस ने उसका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया क्यों नहीं की?
-क्या वेरिफिकेशन करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। ?