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LPG cylinder Raid: अवैध गैस कारोबार का भंडाफोड़! 599 सिलेंडर जब्त कर जांच शुरू, छापेमारी में खुली पोल…

LPG cylinder Raid: दुर्ग घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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LPG cylinder Raid: (Photo Source - Patrika)

LPG cylinder Raid: (Photo Source - Patrika)

LPG cylinder Raid: छत्तीसगढ़ के दुर्ग घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को जिला खाद्य विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत रसमडा स्थित बोरई इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में संचालित पापुशा गैसेस प्राइवेट लिमिटेड पर अचानक छापा मारा। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद टीम ने मौके से 599 गैस सिलेंडर और करीब 2841 किलो एलपीजी जब्त कर लिया।

LPG cylinder Raid: छापे में सामने आई बड़ी अनियमितताएं

खाद्य विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां गैस सिलेंडरों के भंडारण और सप्लाई में कई तरह की गड़बड़ियां पाई गईं। जांच में स्पष्ट हुआ कि कंपनी द्वारा बिना पर्याप्त दस्तावेज और नियमों का पालन किए बड़े पैमाने पर गैस सिलेंडरों का संचालन किया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए सिलेंडरों को जब्त कर लिया।

समानांतर रूप से चल रही थी सप्लाई व्यवस्था

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड के माध्यम से ‘गो गैस’ और ‘गैस प्वाइंट’ ब्रांड के सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही थी। यह सप्लाई डीलरों के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंचाई जा रही थी, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से अलग एक समानांतर व्यवस्था के रूप में संचालित हो रही थी। अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया नियमों के विपरीत है।

मौके पर मिले सिलेंडर और भारी मात्रा में एलपीजी

छापे के दौरान टीम को कुल 599 गैस सिलेंडर मौके पर मिले। इसके अलावा गैस भंडारण के लिए तीन बड़े टैंक (बुलेट) भी पाए गए, जिनमें लगभग 2841 किलो एलपीजी स्टोर थी। इतनी बड़ी मात्रा में गैस का बिना वैध दस्तावेजों के भंडारण गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है।

कागजात नहीं दिखा सकी कंपनी, रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी

जांच के दौरान अधिकारियों ने कंपनी से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन कंपनी कोई आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर में दर्ज सिलेंडरों की संख्या और मौके पर मौजूद सिलेंडरों के बीच अंतर पाया गया, जिससे रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही और संभावित अनियमितताओं की पुष्टि हुई।

सिलेंडरों की पेंटिंग और मार्किंग का काम जारी

छापे के समय फैक्ट्री में सिलेंडरों की पेंटिंग की जा रही थी और उन पर वजन व एक्सपायरी से जुड़ी जानकारी दर्ज की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रक्रिया भी बिना उचित निगरानी और मानकों के की जा रही थी, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकती है।

जांच जारी, आगे और कार्रवाई संभव

खाद्य विभाग ने इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद संबंधित कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की आपूर्ति में किसी भी तरह की अनियमितता या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।