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सीएम भूपेश बघेल के गृह नगर पाटन का बनेगा मास्टर प्लान, नगर पंचायत में सात गांवों को जोड़कर विकास की योजना

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह नगर पाटन का मास्टर प्लान बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन द्वारा गठित समिति ने हरी झंडी दे दी है। वर्ष 2031 तक संभावित 1 लाख आबादी को ध्यान में रखकर यह प्लान (पाटन विकास योजना 2031) बनाया जाएगा। प्लान में नजदीक के सात गांवों को भी शामिल करने की योजना है। प्लान में करीब 5 हजार 258 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल कर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

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सीएम भूपेश बघेल के गृह नगर पाटन का बनेगा मास्टर प्लान, नगर पंचायत में सात गांवों को जोड़कर विकास की योजना

मास्टर प्लान का प्रस्तावित नक्शा, समिति ने आधा दर्जन सुझावों के साथ दी प्रस्ताव को मजूंरी

इसलिए मास्टर प्लान जरूरी

0 कृषि आधारित विकास की संभावना - बैठक में अफसरों ने बताया कि पाटन व आसपास का पूरा इलाका कृषि प्रधान है। ऐसे में यहां कृषि आधारित औद्योगिक व वाणिज्यिक केंद्र के रूप में विकास की अपार संभावना है। ऐसे में सुनियोजित विकास के अभाव में बेतरतीब बसाहट, प्रदूषण, बस स्टैंड व अन्य सुविधाओं को समुचित उपयोग नहीं हो पाने जैसी स्थिति बन सकती है।
0 चिकित्सा-शिक्षा सुविधा का अभाव - अफसरों ने बैठक में बताया कि पाटन व आसपास के इलाके में चिकित्सा व उच्च शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का अभाव है। मास्टर प्लान के अनुरूप विकास से इन सुविधाओं का विस्तार होगा। इसके अलावा आवागमन की सुविधा को लेकर भी परेशानी जैसी स्थिति है। ऐसे में एसटीपी जैसी सुविधाओं का भी विस्तार होगा।


गांवों को जोड़नेे का प्रस्ताव
नगर पंचायत पाटन के अलावा ग्राम पंचायत दैमार, बठेना, सिकोला, सिपकोन्हा, सोनपुर, खम्हरिया।

अब आगे यह

0 फरवरी में होगा प्रारंभिक प्रकाशन - बैठक में समिति की हरी झंडी मिलने के बाद सुझावों को शामिल कर प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए राज्य शासन को भेजा जाएगा। राज्य शासन से हरी झंडी मिलने पर इस प्रस्ताव का प्रारंभिक प्रकाशन कराया जाएगा। जानकारी के मुताबिक फरवरी के पहले अथवा दूसरे सप्ताह में प्रस्ताव का प्रारंभिक प्रकाशन कर दिया जाएगा।
0 आम लोग कर सकेंगे दावा-आपत्ति - प्रारंभिक प्रकाशन के साथ ही प्रस्ताव पर आम लोगों से भी दावा-आपत्ति लिया जाएगा। दावा -आपत्तियों के निराकरण व जरूरी संसोधनों के बाद राज्य शासन की मंजूरी से प्रस्ताव को स्वीकृति किया जा सकेगा। इसके बाद इसी के आधार पर संबंधित क्षेत्र का विकास किया जाएगा। मई तक मास्टर प्लान स्वीकृत कर लिए जाने की योजना है।