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मिलिए सरकारी स्कूल की गणित टीचर प्रज्ञा मैडम से, इन्होंने जीरो इनवेस्टमेंट पर बना दिया बच्चों को लिए शानदार मैथ्स लैब

हनोदा मीडिल स्कूल की प्रभारी एचएम और गणित की टीचर प्रज्ञा सिंह ने गणित को इतना आसान बना दिया कि बच्चे खेल-खेल में गणित आसानी से सीख गए।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Sep 03, 2020

मिलिए सरकारी स्कूल की गणित टीचर प्रज्ञा मैडम से, इन्होंने जीरो इनवेस्टमेंट पर बना दिया बच्चों को लिए शानदार मैथ्स लैब

मिलिए सरकारी स्कूल की गणित टीचर प्रज्ञा मैडम से, इन्होंने जीरो इनवेस्टमेंट पर बना दिया बच्चों को लिए शानदार मैथ्स लैब

भिलाई. खुद सरकारी स्कूल में पढ़ाई की तो इस बात का एहसास था कि शिक्षक ही है जो स्कूल की तस्वीर बदल सकते हैं। बचपन से गणित में रूचि थी। शिक्षिक बनने के बाद जुनून में बदल गई और उसी का नतीजा है कि चार साल में मैथ्स के 5 सौ से ज्यादा टीचर लर्निंग मेटेरियल तैयार किया और वह भी बिना किसी लागत के। हनोदा मीडिल स्कूल की प्रभारी एचएम और गणित की टीचर प्रज्ञा सिंह ने गणित को इतना आसान बना दिया कि बच्चे खेल-खेल में गणित आसानी से सीख गए।

बच्चों को अब इतना मजा आने लगा कि वे भी टीचर का साथ देने लगे और वे भी मटेरियल बनाना सीख गए। शिक्षक प्रज्ञा बताती हैं कि उनके तैयार किए लर्निंग मटेरियल स्कूल से लेकर डाइट सेंटर में भी मौजूद है। इसे तैयार करने के लिए उन्हें मास्टर ट्रेनर भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य विषयों की तुलना में गणित के लिए शिक्षण सहायक सामग्री का अभाव था और यही सोचकर उन्होंने टीएलएम बनाना शुरू किया। इसका असर यह हुआ कि पिछले कई सालों से कम हो रहे सरकारी स्कूल में उपस्थिति का प्रतिशत 70 फीसदी तक पहुंच गया।

जुड़े प्रदेशभर से बच्चे
12 साल से हनोदा स्कूल में अपनी सेवाएं दे रही टीचर प्रज्ञा सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के बाद सीडी स्कूल पोर्टल पर शुरू हुई ऑनलाइन क्लास में अब तक उन्होंने 59 वीडियो लनिर्ग मटेरियल के साथ अपलोड किए हैं। इसके लिए उन्होंने घर पर रहकर ही करीब डेढ़ सौ मॉडल बनाए। इस वीडियो को न केवल दुर्ग जिले बल्कि कई अन्य जिलों के साथ-साथ नारायणपुर और अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में भी देखा गया। वे बताती हैं कि इन दिनों चल रही मोहल्ला क्लास में उन्होंने गांव की शिक्षित बहू-बेटियों को शिक्षा सारथी बनाया है ताकि वे वे अपने मोहल्ले के बच्चों को पढ़ा सकें।

प्राइवेट से सरकारी स्कूल में एडमिशन
हनोदा मीडिल स्कूल के नवाचार को देखते हुए कई पालकों ने प्राइवेट स्कूल से निकालकर बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूल में कराया है। हाल ही में गांव के सरपंच तेजराम चंदेल ने अपने नाती का एडमिशन भी इसी स्कूल में कराया। प्रज्ञा के इस प्रयास को जिला से राज्य स्तर और कई राष्ट्रीय मंचों में सराहा गया और अब तक वे राज्यपाल पुरस्कार सहित 20 से ज्यादा सम्मानों से सम्मानित हो चुकी हैं।

अपने खर्च से कराए कार्य
प्रज्ञा ने न केवल टीएलएम के लिए अपना योगदान दिया बल्कि अपने खर्च से वे कई सामाजिक सरोकार के कार्यक्रम कर भी करा रही हैं। स्कूल के सारे बच्चों का जन्मदिन नए साल के दिन मनाने के साथ ही गर्मी की छुट्टियों में मस्ती की पाठशाला, नवरात्रि उत्सव, परंपरागत उत्सव, बाल मेला, स्मार्ट क्लास की सुविधा उलपब्ध कराई। अपने पूर्व छात्राओं के साथ मिलकर प्रज्ञा युवा शक्ति संगठन की स्थापना की है और इसमें शामिल युवा गांव के विकास के साथ ही विद्यादान भी कर रहे हैं। कोरोना संकट में इस टीम के साथ उन्होंने 2000 मास्क भी बांटा।