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सरकार की जय हो: राजकीय शोक के दिन शहर में खूब छलके जाम

राजकीय शोक के दिन ट्विनसिटी में जमकर छलके जाम। शोक के कारण जहां शैक्षणिक संस्थान सहित सभी सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रही वहीं जुड़वा शहर के सभी देशी-विदेशी शराब दुकानें खुली रही।

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सरकार की जय हो: राजकीय शोक के दिन शहर में खूब छलके जाम

दुर्ग. राजकीय शोक के दिन ट्विनसिटी में जमकर छलके जाम। शोक के कारण जहां शैक्षणिक संस्थान सहित सभी सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रही वहीं जुड़वा शहर के सभी देशी-विदेशी शराब दुकानें खुली रही। जहां शराब के शौकीनों ने जमकर जाम छलकाए।

छत्तीसगढ़ में सभी देशी-विदेशी शराब दुकानें खुली रही
बता दें कि 14 अगस्त को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलराम दास जी टंडन का और 16 अगस्त को पूर्व पीएम भारतरत्न अटलबिहारी वाजपेयी का निधन हुआ था। राज्यपाल के निधन पर जहां राज्य में राजकीय शोक की घोषणा की गई थी और किंतु 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस सादगीपूर्ण मनाया गया। इस दिन कोई भी सांस्कृति कार्यक्रम नहीं हुआ। वहीं 16 अगस्त को वाजपेयी के निधन के कारण पूरे देश में राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है। 17 अगस्त को उनके निधन पर पूरे देश में शासकीय अवकाश था। उस दिन और उसके पहले 16 अगस्त को भी छत्तीसगढ़ में सरकार की ओर संचालित सभी देशी-विदेशी शराब दुकानें खुली रही।

शराब की बिक्री पर जोगी कांग्रेस की नाराजगी
शोक के दिन सरकारी दुकानों में शराब की बिक्री पर जोगी कांग्रेस की नाराजगी सामने आई है। जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को इसके विरोध में मोर्चा निकाली। कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मोर्चा लेकर कलक्टोरेट पहुंचे और विरोध स्वरूप राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राजकीय अवकाश के दिनों में शराब की बिक्री की राशि गरीब बच्चों के नाम दान करने की मांग की गई है।

राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

जोगी कांग्रेस के संभाग उपाध्यक्ष अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में कलक्टोरेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और राज्यपाल बलरामदास टंडन के निधन पर प्रदेश में राजकीय शोक घोषित किया गया था। इस दौरान सभी स्कूल व कॉलेजों के साथ सरकारी संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया था। चूंकि शराब दुकान भी सरकारी हाथ में है, इसलिए ये दुकानें भी बंद किया जाना था, लेकिन लाभ के चक्कर में सरकार ने सभी शराब दुकानों को खुले रखे। जोगी समर्थकों का कहना है कि यह सरकार की दिवंगत नेताओं के प्रति दोहरे रवैये को दर्शाता है। राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उक्त दिनों में शराब की बिक्री से मिली राशि अनाथ व स्कूली बच्चों के नाम दान करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रकाश जोशी, मुजमील खान, प्रशांत राव, राकेश दुबे, अविनाश देशलहरे, जफर खान, राखी टंडन, शीबू कौरया, जय प्रकाश, दीपक यादव शामिल थे।

ऐसी क्या मजबूरी थी कि शराब दुकानें खुली रही

कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री गिरी राव ने भी शोक के दिन में सरकारी शराब दुकानें खुली रखने पर नाराजगी जाहिर करते सरकार से सवाल पूछा है। उन्होंने कहा कि शोक के दिन जहां बच्चों के भविष्य का निर्माण होता है उसे बंद रखा गया है और देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद होता है उस संस्थान को खुला क्यों रखा गया? यह सरकार की दोगली नीति को दर्शाता है। ऐसी क्या मजबूरी थी कि शराब दुकानें खुली रही। इससे यह साबित होता है कि सरकार के लिए बच्चों का भविष्य नहीं बल्कि राजस्व ज्यादा मायने रखता है।