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बिना शादी किए नाबालिग गर्लफ्रेंड को पत्नी बनाकर घर में रखा, एक दिन पुलिस पहुंची तो उड़ गए होश…

नाबालिग को पत्नी बनाकर रखने और उससे शारीरिक संबंध (Rape)बनाने के मामले में न्यायालय (Court) ने टेकारी रायपुर निवासी दिनेश निर्मलकर (23) को दोषी ठहराया।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Aug 01, 2019

rape case

बिना शादी किए नाबालिग गर्लफ्रेंड को पत्नी बनाकर घर में रखा, एक दिन पुलिस पहुंची तो उड़ गए होश...

दुर्ग. नाबालिग को पत्नी बनाकर रखने और उससे शारीरिक संबंध (Rape)बनाने के मामले में न्यायालय (Court) ने टेकारी रायपुर निवासी दिनेश निर्मलकर (23) को दोषी ठहराया। न्यायाधीश मधु तिवारी ने फैसला सुनाते कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है। दण्ड में नरमी बरतना न्याय संगत नहीं होगा। उन्होंने दोषी को अपहरण की दो अलग-अलग धाराओं के तहत 5-5 साल कठोर कारावास और दुष्कर्म की धारा के तहत 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ चलेगी।

जुर्माना जमा करना होगा
दोषी युवक को 2 हजार रुपए जुर्माना भी जमा करना होगा। राशि जमा नहीं करने पर 5 माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामले में बोरी थाना पुलिस ने जांच कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। प्रकरण के मुताबिक नाबालिग के परिजन ने पुलिस को जानकारी दी थी कि उनकी नाबालिग बेटी 30 जून 2015 से लापता है। उन्हें संदेह है कि नाबालिग को किसी ने बहला फुसला कर ले गया है।

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इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले गुमशुदगी दर्ज की और 2 जुलाई को अपहरण का मामला दर्ज किया। कुछ दिनों बाद खुलासा हुआ कि नाबालिग अभियुक्त के विधानसभा रोड टेकारी रायपुर स्थित आवास में है। पुलिस ने जब पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि अभियुक्त ने उसे विवाह का प्रलोभन देकर घर पर रखा है और उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है।

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विधिक सेवा प्राधिकरण को लिखा
नाबालिग के परिजन का कहना था कि उसके बेटी नाबालिग है, लेकिन किसी तरह का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया था। इसे देखते हुए न्यायालय ने जिला मेडिकल बोर्ड को पत्र लिखकर उम्र का सत्यापन करने का आदेश दिया था। अस्थि और दांत के एक्सरे के बाद डॉक्टरों ने प्रमाणित किया कि पीडि़ता की उम्र 16 वर्ष है। अतिरिक्त लोक अभियोजक पुष्पारानी पाढ़ी ने बताया कि गवाह अपने बयान पर कायम रहे। उम्र के सत्यापन के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र था। जिसे आधार बनाकर न्यायालय ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने नाबालिग के पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को लिखा है।

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