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OMG! ब्याह कर जा चुकी बेटियों के नाम पर अब नहीं मिलेगा सस्ता राशन

मृतकों और ब्याह के बाद दूसरे गांवों में जा चुकी बेटियों के नाम पर भी पीडीएस का चावल लिया जा रहा है। इसका खुलासा लोक सुराज अभियान और विकास यात्रा के दौरान की गई शिकायतों से हुआ है।

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दुर्ग

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Naresh Verma

Jul 11, 2018

Ration Card

मृतकों और ब्याह कर जा चुकी बेटियों के नाम पर अब नहीं मिलेगा सस्ता राशन

दुर्ग . मृतकों और ब्याह के बाद दूसरे गांवों में जा चुकी बेटियों के नाम पर भी पीडीएस का चावल लिया जा रहा है। इसका खुलासा लोक सुराज अभियान और विकास यात्रा के दौरान की गई शिकायतों से हुआ है। इस खुलासे के बाद अब ऐसे नामों को काटकर राशन कार्डों के शुद्धिकरण का अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एक बार फिर घर-घर जाकर राशन कार्डों में दर्ज नामों का सत्यापन किया जाएगा और मृत व दूसरी जगह जा चुके लोगों का नाम डिलिट किया जाएगा।

खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के तहत पीडीएस के चावल के लिए परिवार में सदस्यों की संख्या को यूनिट बनाया गया है। पात्र परिवारों को प्रति सदस्य 7 किलोग्राम के हिसाब से हर माह सस्ते दर पर चावल दिया जाता है। नियमानुसार मृत्यु अथवा परिवार से अलग होने की स्थिति में राशन कार्ड में दर्ज नामों को डिलिट कराया जाना है, लेकिन जितने सदस्य उतना ज्यादा चावल की मानसिकता के चलते कई हितग्राही नाम नहीं कटवा रहे हैं।

इस तरह किया जाएगा सत्यापन
ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर यह जिम्मेदारी होगी। इसके लिए सचिव व कार्यकर्ता घर-घर सर्वे करेंगे और प्रत्येक सदस्य के संबंध में जानकारी जुटाएंगे। इस दौरान मृत व अन्य कारणों से अलग रह रहे लोगों की सूची तैयार कर खाद्य विभाग को उपलब्ध कराएंगे। खाद्य विभाग में यह नाम डिलिट कर दिया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में निगम के कर्मचारी यह काम करेंगे।

30 तक अभियान
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा राशन कार्डों के लिए घर-घर सर्वे और सत्यापन के लिए 30 जुलाई तक मियाद तय की गई है। आदर्श ग्रामों में यह काम एक सप्ताह में कर लेने का लक्ष्य रखा गया है।

ऐसे हुआ खुलासा
लोक सुराज और विकास यात्रा के दौरान लोगों से शिकायतों व समस्याओं के आवेदन लिए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में मृत और अलग-अलग कारणों से परिवार से अलग रह रहे लोगों के नाम राशन कार्डों में दर्ज होने की शिकायत सामने आई। पड़ताल में ऐसे लोगों के नाम न कटवाकर हितग्राहियों द्वारा अब भी राशन लेने का खुलासा हुआ।

सत्यापन के साथ यह किया जाएगा
मृत सदस्यों की पहचान कर नाम काटने की कार्रवाई, नाम अथवा जाति में गड़बड़ी की सुधार व परिवर्तन, आधार कार्ड से लिकिंग, दिव्यांगों (40 फीसदी से अधिक) का राशन कार्ड निर्माण, शादी के बाद ससुराल जा चुकी लड़कियों का नाम विलोपन, शादी के बाद परिवार में शामिल हुईं बहुओं का नाम जोडऩा