
भिलाई। जिले के राशन दुकानों (Ration Card News ) में अब हितग्राहियों को फोर्टिफाइल चावल दिया जाएगा। इसकी शुरूआत अप्रैल से हो जाएगी। फिलहाल केवल बीपीएल परिवारों को फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा। जबकि एपीएल कार्डधारियों को पहले की ही तरह सामान्य चावल दिया जाएगा। जिला प्रशासन के मुताबिक जिले के सभी 654 राशन दुकानों में इसकी तैयारी कर ली गई है। राज्य सरकार (Chhattisgarh News ) ने महिलाओं और बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए यह फैसला किया है। इससे पहले आंगनबाड़ी व स्कूलों में बच्चों के भोजन के लिए फार्टिफाइड चावल दिया जा रहा था। इसके साथ अब राशन दुकानों में बीपीएल परिवारों को भी फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि पायलट प्रोजेक्ट तहत पहले से ही 12 जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों से हितग्राहियों को फोर्टिफाइड चावल दिया जा रहा है। इसकी सफलता के बाद अब सरकार ने प्रदेश के सभी जिले के बीपीएल परिवारों को राशन दुकानों के माध्यम से फोर्टिफाइड चावल देने का फैसला किया है।
इसलिए जरूरी है फोर्टिफाइड चावल
फोर्टिफाइड चावल खून की कमी, कुपोषण को दूर करने के साथ स्वास्थ्यवर्धक होता है। गर्भवती महिलाओं में खून निर्माण, भ्रूण विकास व नर्वस सिस्टम के लिए लाभकारी है। बच्चों में भी यह कुपोषण जैसी समस्या दूर करने बेहद लाभकारी है।
एक साथ मिलेगा दो माह का चावल
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के सभी 654 राशन दुकानों में पहली अप्रैल से बीपीएल परिवारों को फोर्टिफाइड चावल दिया जाना है। इसके लिए भंडारण व सभी व्यवस्थाएं कर ली गई है। इस बार एक साथ दो माह यानि अप्रैल और मई का चावल देने का फैसला किया गया है। दुकानदारों को एकमुश्त दो माह का चावल हितग्राहियों को देने कहा गया है। सामान्य चावल को अधिक गुणकारी बनाया जाता है। इसके लिए सामान्य चावल का पाउडर बनाकर इसमें बिटामिन बी 12, आयरन और फोलिक एसिड की सूक्ष्म मात्रा मिलाई जाती है।
गलतफहमी ना रहे, इसलिए दे रहे जानकारी
फोर्टिफाइड चावल सामान्य चावल से कुछ हद तक अलग दिखता है। ऐसे में इसे लेकर प्लास्टिक चावल जैसे भ्रम भी फैलाने की कोशिश हो चुकी है। इस अफवाह को दूर करने प्रशासन द्वारा हितग्राहियों को जानकारी दी जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि हितग्राही चावल को लेकर प्लास्टिक जैसे भ्रम में न आएं और बिना संकोच व डर के अपने कोटे फोर्टिफाइड चावल प्राप्त करें।
इस तरह पकाने की समझाइश
फोर्टिफाइड चावल को पकाने के दौरान इसका माड़ यानि पसिया नहीं निकाला जाना चाहिए। इसके लिए चावल को कुकर में अथवा कम पानी का उपयोग करते हुए पुलाव या चोवा भात की पकाया जा सकता है। माड़ निकालने से आवश्यक पोषक तत्व पानी के माध्यम से निकल सकते हैं।
इसलिए दिखता है ज्यादा सफेद
फोर्टिफाइड चावल सामान्य चावल को आटे की तरह पीसकर बनाया जाता है। इसके चलते यह चावल सामान्य चावल के दाने की तुलना में अधिक चिका और सफेद दिखता है। अधिक सफेद होने के कारण कुछ लोगों में इसके प्लास्टिक होने जैसे भ्रम की स्थिति हो सकती है।
सभी राशन दुकानों में बीपीएल परिवारों को फोर्टिफाइड चावल देने का निर्देश है। इसी के तहत जिले में तैयारी की गई है। चावल को लेकर लोगों को जानकारी भी दी जा रही है।
सीपी दीपांकर, खाद्य नियंत्रक दुर्ग
Published on:
01 Apr 2023 05:24 pm
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