
पिछले 15-20 सालों में शहर का विस्तार तेजी से हुआ है। हालात यह है कि आउटर्स में भी सघन आबादी बस गई है और स्थानीय व सरकारी जरूरतों के लिए खाली जमीन नहीं रह गई है। इसे देखते हुए नगर निगम के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। लिहाजा वर्ष 2016 में निगम प्रशासन ने सरहद से लगे 10 गांवों को निगम में शामिल करने का प्रपोजल तैयार कराया था। बाद में सर्वे में 7 गांवों को शामिल करने का फैसला किया गया था। जिस पर विभागीय मंत्री व अफसरों की मौखिक सहमति मिल गई थी।
इस प्रावधान के तहत प्रस्ताव
नगर पालिक अधिनियम में समुचित विकास व स्थानीय जरूरत के हिसाब से नजदीकी गांवों को नगरीय निकायों में शामिल कर विस्तार का प्रावधान है। इसके तहत एमआईसी और सामान्य सभा में प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन ने मांग की जा सकती है। इसी के तहत पूर्ववर्ती निगम परिषद से प्रस्ताव पारित कर गांवों को शामिल करने की मांग की थी।
होगी सुनवाई, कर सकेंगे दावा-आपत्ति
निगम के प्रस्ताव पर शासन की सहमति मिल जाने के बाद नोटिफिकेश जारी किया जाएगा। इस आधार पर शासन द्वारा गांवों में जनसुनवाई किया जाएगा। जिसमें लोग दावा-आपत्ति भी कर सकेंगे। इन दावा आपत्तियों के निराकरण के बाद पहल किया जा सकता है। संबंधित गांवों से सहमति मिल गई तो गांवों को निगम में शामिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
तो भिलाई की तरह हो जाएंगे 70 वार्ड
शहर में अभी 60 वार्ड है। उक्त गांवों को शामिल कर इसे भिलाई की तरह 70 वार्ड करने की योजना है। नगर निगम की आबादी फिलहाल करीब सवा तीन लाख है। इन गांवों के करीब 30 हजार आबादी शामिल होने से यह साढ़े 3 लाख से ज्यादा हो जाएगा। पूर्ववर्ती निगम परिषद ने इन गांवों के मिल जाने के बाद 70 वार्ड करने का प्रस्ताव भी शामिल किया था।
Published on:
01 May 2022 06:59 pm
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