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छह साल का बच्चा बना थानेदार, पुलिसकर्मियों से पूछा हमको तो स्कूल में छुट्टी मिलती है, क्या आपको मिलती है ?

बाल सुरक्षा सप्ताह के मौके पर दुर्ग पुलिस ने एक पहल करते हुए 6 वर्ष के बच्चे को एक दिन के लिए थानेदार बनाकर कुर्सी पर बैठाया। कुर्सी पर बैठते ही बालक टीआई ने थाना स्टॉफ से मुलाकात की।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Nov 18, 2021

छह साल का बच्चा बना थानेदार, पुलिसकर्मियों से पूछा हमको तो स्कूल में छुट्टी मिलती है, क्या आपको मिलती है ?

छह साल का बच्चा बना थानेदार, पुलिसकर्मियों से पूछा हमको तो स्कूल में छुट्टी मिलती है, क्या आपको मिलती है ?

भिलाई. बाल सुरक्षा सप्ताह के मौके पर दुर्ग पुलिस ने एक पहल करते हुए 6 वर्ष के बच्चे को एक दिन के लिए थानेदार बनाकर कुर्सी पर बैठाया। कुर्सी पर बैठते ही बालक टीआई ने थाना स्टॉफ से मुलाकात की। थाने की कार्यप्रणाली के बारे में जाना। थाने का स्टॉफ ने बाल टीआई से सामने साप्ताहिक अवकाश की बात रखी। टीआई ने मुस्कराते हुए उनकी बात सुनी और आश्वासन दिया कि बहुत जल्द ही साप्ताहिक अवकाश शुरु कर दिया जाएगा।

बच्चों को कराया थाने का भ्रमण, जाना पुलिस की कार्यप्रणाली
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीएन मीणा के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईयूसीएडब्ल्यू मीता पवार के मार्गदर्शन में अभिव्यक्ति कार्यक्रम अंतर्गत 'बाल सुरक्षा सप्ताहÓ मनाया गया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बाल टीआई रोहन देवांगन (6 वर्ष ) ने पूरे थाने का विजिट कराया गया। उन्हें थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। बच्चे ने थाना प्रभारी बनने पर मासूमियत भरे लहजे से सभी स्टाफ को अपने पास बुला कर एक प्रश्न किया कि हमको तो स्कूल में छुट्टी मिलती है, क्या आपको भी छुट्टी मिलती है। नए थाना प्रभारी बनते देख उपस्थित बहुत से बच्चों ने पुलिस बनने की जिद भी की। इस मौके पर आईयूसीए डब्ल्यू निरीक्षक प्रभा राव, खुर्सीपार टीआई दुर्गेश शर्मा, प्रभारी महिला रक्षा टीम संगीता मिश्रा ने पुलिस की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी दी। एनआरबी स्कूल के बच्चों एवं शिक्षक, शिक्षिकाओं को थाना खुर्सीपार का भ्रमण कराया गया।

गुड टच-बैड टच के बारे बच्चों ने जाना
पुलिस विभाग द्वारा दुर्ग जिले अलग-अलग स्कूलों में जाकर बच्चों को गुड टच-बैड टच, यातायात नियम, साइबर सुरक्षा, पाक्सो एक्ट, जेजे एक्ट, मानव तस्कारी, नशा के दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दिया जा रहा है। स्कूली बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहकर बेहतर शिक्षा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पुलिस अधिकारी जरुरी मोबाइल नम्बर भी उपलब्ध कराए।