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नशेड़ी बेटे ने सगी मां को मिट्टी तेल उड़ेलकर जिंदा जलाया, मां कहती रही नशा छोड़ दे बेटा और हो गया सब तबाह…

कृष्णा ने बताया कि नशा उनके परिवार की तबाही का कारण बन गया। जब बेटा कपूत बन जाए, उसका खामियाजा परिजनों को भुगतना पड़ता है।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Jul 22, 2021

नशेड़ी बेटे ने सगी मां को मिट्टी तेल उड़ेलकर जिंदा जलाया, मां कहती रही नशा छोड़ दे बेटा और हो गया सब तबाह...

नशेड़ी बेटे ने सगी मां को मिट्टी तेल उड़ेलकर जिंदा जलाया, मां कहती रही नशा छोड़ दे बेटा और हो गया सब तबाह...

भिलाई. नंदिनी थाना के ग्राम ननक_ी में एक कलयुगी बेटे ने अपनी मां पर मिट्टी तेल उड़ेलकर उसे जिंदा जला दिया। जान बचाने वह जलती हुई घर से बाहर निकली और टंकी के पानी से आग बुझाने की कोशिश भी की। तब तक वह 65 प्रतिशत जल चुकी थी। पड़ोसी उसे जिला अस्पताल ले गए जहां 12 घंटे बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर पुलिस ने मौत से पहले महिला का बयान ले लिया था। पुलिस ने आरोपी बेटा सूर्यकांत वर्मा के खिलाफ धारा 307, 302 के तहत जुर्म दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

नंदिनी टीआई लक्ष्मण कुमेटी ने बताया कि घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की है। ननक_ी निवासी मधुलता वर्मा (49 वर्ष) अपनी बेटी रेणुका वर्मा के साथ घर पर थी। माइनिंग विभाग में गार्ड पति कृष्णा वर्मा ड्यूटी पर गया था। बेटा सूर्यकांत वर्मा (27 वर्ष) रायपुर से नशे में टुन्न होकर दोपहर में घर पहुंचा। नशे में देख मां मधुलता गुस्सा किया। इसी बीच सूर्यकांत डिब्बे में मिट्टी तेल लेकर आया और मां को नहला दिया। इसके बाद आग लगा दिया।

नशा छोड़ दे बेटा कहा, इतने में मिट्टी तेल उड़ेल दिया
मरने से पहले मधुलता वर्मा ने पुलिस को रोंगटे खड़े कर देने वाले बयान दिया। उसने पुलिस को बताया कि बेटा सूर्यकांत की पत्नी उसे छोड़ कर चली गई। तीन साल की उसकी बेटी है। जिसका हम लोग लालन-पालन कर रहे हैं। सूर्यकांत नशेड़ी हो गया है। रायपुर जाता है तो नशा करके घर लौटता है। सोमवार दोपहर में घर पहुंचा। उसकी हालत को देखकर कहा कि बेटा नशा छोड़ दे और काम काज में लग जा। यह अच्छी बात नहीं है। इतने में वह बहन रेणुका को कमरे में बंद कर दिया और बाहर से सिटकनी लगा दी। इसके बाद मिट्टी तेल लाया और अपनी मां के ऊपर उड़ेल दिया। फिर जेब से माचिस निकाला और आग लगा दी। जान बचाकर मैं पानी की तरफ भागी। टंकी के पानी से बुझाया, लेकिन तब तक काफी जल चुकी थी।

पति ने दी मुखाग्रि
कृष्णा ने बताया कि नशा उनके परिवार की तबाही का कारण बन गया। जब बेटा कपूत बन जाए, उसका खामियाजा परिजनों को भुगतना पड़ता है। माइनिंग विभाग में गार्ड की नौकरी करता हूं। एक बेटा और एक बेटी है। बेटा सूर्यकांत नशे में अक्सर लड़ाई करता है। कई बार उसे समझाने का प्रयास किया। लेकिन ऐसा कर देगा इसका अंदाजा नहीं था। पत्नी मधुलता ने घर को संभाल रखा था। इतना बोलकर फफक पड़ा। कृष्णा ने ही अपनी पत्नी को मुखाग्नि दी।