
दीपावली मनाने पहुंचे कांग्रेस महासचिव वोरा, एयरपोर्ट पर ही जुटे टिकटार्थी
दुर्ग. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (प्रशासनिक) व राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा शनिवार की देर शाम राजधानी रायपुर पहुंचे। नगरीय निकाय चुनाव से पहले वोरा के इस आगमन को राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में वोरा के राजधानी पहुंचने के साथ ही उन्हें रिझाने की जुगत में टिकटार्थी लग गए। इस दौरान दर्जनभर से ज्यादा नेता उनकी अगवानी करने रायपुर एयरपोर्ट भी पहुंचे। वोरा यहां 28 अक्टूबर तक रहेंगे। इस दौरान दीपावली की शुभकामना देने के बहाने उन्हें रिझाने निगम चुनाव में टिकट के इच्छुकों की भीड़ वोरा निवास में भी जुटने की संभावना है।
स्वागत में पहुंचे कई दावेदार
सांसद वोरा शनिवार को नियमित विमान से शाम सवा सात बजे रायपुर पहुंचे। यहां उनके पुत्र विधायक अरुण वोरा ने परिजनों के साथ उन्हें रिसीव किया। इस दौरान शहर के दर्जनभर से ज्यादा नेता भी मौजूद रहे। इनमें कांग्रेस नेता अब्दुल गनी, निगम सभापति राजकुमार नारायणी, पार्षद भोला महोबिया, लीलाधर पाल, प्रकाश गीते, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा, आयुष शर्मा, धीरज बाकलीवाल, कुणाल तिवारी व पार्षद पद के कई अन्य दावेदार भी शामिल थे।
28 अक्टूबर को रवाना होंगे दिल्ली
वोरा एयरपोर्ट से अपने भाई दिवंगत गोविंद लाल वोरा के गीता नगर आवास पहुंचे। यहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और देर रात भोजन के बाद दुर्ग पद्मनाभपुर स्थित आवास के लिए रवाना हो गए। पद्मनाभपुर पहुंचने पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। यहां पद्मनाभपुर आवास में 28 अक्टूबर तक रहेंगे और परिजनों के साथ दीपावली मनाएंगे। इस दौरान वे स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे। 28 अक्टूबर की शाम दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
इसलिए अहम है वोरा का शहर में आगमन
शहर के साथ प्रदेश की राजनीति में वोरा का दखल शुरू से रही है। इस बार भी नगरीय निकाय चुनाव में उनकी पसंद के अभ्यर्थी को ही टिकट मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर आरक्षण और सीधे पार्षदों द्वारा महापौर के चुनाव के फैसले से दावेदारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। ऐसे में बड़े नेताओं की अनुशंसा से दावेदारों की राह आसान हो सकती है।
अनुकूल स्थिति से बढ़ी दावेदारों की उम्मीद
नगर निगम में पिछले 4 चुनावों से भाजपा का कब्जा है। इस बार विधानसभा में बड़ी जीत और प्रदेश में सरकार होने से शहर में कांग्रेस के पक्ष में स्थिति थोड़ी अनुकूल दिखाई दे रही है। इसके चलते दावेदारों की संख्या भी इस बार ज्यादा दिख रही है। स्थिति यह है कि आरक्षित होने के बाद महिला नेताओं के अलावा कई बड़े नेता भी अपनी पत्नी के लिए जोर लगा रहे हैं।
Updated on:
26 Oct 2019, 9:40 PM IST
Published on:
26 Oct 2019, 9:40 PM IST
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