
मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग दावा-आपत्ति के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे थे।
दुर्ग .Durg news : वक्फ बोर्ड रायपुर के आवेदन पर तहसीलदार द्वारा 21 अक्टूबर को उद्घोषणा जारी की गई है। जिसके मुताबिक वक्फ बोर्ड के सीईओ ने वक्फ अधिनियम 1995 व संशोधन 2013 का हवाला देकर शहर के मध्य 5 खसरों में दर्ज 4.17 हेक्टेयर जमीन पर मालिकाना हक का दावा करते हुए नामांतरण और उक्त खसरों पर खरीदी-बिक्री, दान व बंधक या अंतरण को प्रारंभ से शून्य घोषित करने की मांग की है। तहसीलदार ने दावे पर उद्घोषणा जारी करते हुए 15 नवंबर तक दावा-आपत्ति मंगाई थी। इसी के तहत मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग दावा-आपत्ति के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे थे।
जहां बाजार और आबादी, वहां दावा
वक्फ बोर्ड द्वारा जिन जमीनों पर दावा किया जा रहा है, उनमें मौजूदा इंदिरा मार्केट, सब्जी बाजार, प्रेस काम्पलेक्स, महात्मा गांधी स्कूल, मोतीपारा, पुराना तहसील क्वार्टर सहित कई इलाके बताए जा रहे हैं। इसके अलावा शहर के मध्य के कई और भी हिस्से शामिल हैं। लोगों का कहना है कि यहां सालों से आबादी है।
लोगों ने दर्ज कराई आपत्ति
इधर मामले में तहसीलदार के समक्ष एक हजार से अधिक लोगों ने वक्फ बोर्ड के दावे पर आपत्ति की है। लोगों ने आपत्ति के साथ जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज भी सौंपे हैं। आपत्ति करने वालों को कहना है कि वे वर्षों से जमीन के मालिक हैं। सारे दस्तावेज हैं। वक्फ बोर्ड आवेदन पर उद्घोषणा प्रकाशन से संबंधित पक्षकारों में हड़कंप मच गया। दो दिनों से बैठकें कर आपत्ति को लेकर रणनीति बनाई जा रही थी। वहीं मंगलवार को तहसील कार्यालय में आपत्ति करने वालों की भीड़ लग गई। इससे तहसील कार्यालय का माहौर गरमा गया। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से इस पर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि अभी जमीन का नामांतरण नहीं किया जा रहा है, आवेदन पर पड़ताल के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
देर शाम तक आपत्ति दर्ज कराते रहे लोग
तहसीलदार के उद्घोषणा पर वक्फ बोर्ड के दावे पर मंगलवार को बड़ी संख्या में दावा-आपत्ति किए गए। सभी ने इसे गलत व अनुचित बताते हुए नामांतरण नहीं किए जाने की मांग की जानकारी के मुताबिक शाम तक एक हजार से ज्यादा आपत्तियां दर्ज कराई जा चुकी थी। बताया जा रहा है कि देर शाम आपत्ति का क्रम जारी रहा। ऐसे में यह संख्या बढ़ सकती है।
वर्सन
खसरा नंबर 21/2, 21/3, 29/2, 146/4, 109 निजी भूमि स्वामी के नाम पर दर्ज है। उक्त खसरे को वक्फ बोर्ड के नाम पर नामांतरण के लिए आवेदन किया गया है। उनके द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर वर्तमान में कोई भूमि अंतरण की कार्रवाई नहीं की गई है। आवेदन पर नियमानुसार परीक्षण के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
पद्मिनी भोई अपर कलेक्टर दुर्ग
विवादास्पद कानून का सहारा लेकर जमीन पर दावा किया गया है। कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई लंबित है। ऐसे में इस पर कोई भी कार्रवाई न्यायोचित नहीं है। प्रशासन को चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का इंतजार करे, इसके बाद ही कोई भी कार्रवाई करे।
अरुण गुप्ता आपत्तिकर्ता व संयोजक सजग प्रयास
Published on:
16 Nov 2022 12:35 pm
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