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नई दिल्ली। जब 2016 में नोटबंदी की गई तो देश के सभी राज्यों के अधिकतर एटीएम में नो कैश का बोर्ड लगा हुआ देखा गया था। करीब दो साल बाद एक बार फिर से वो ही हालात पैइा हो गए हैं। देश के आधा दर्जन से अधिक राज्यों में कैश की किल्लत और एटीएम में कैश ना होने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आइए आपको भी बताते हैं कि किन राज्यों के लोगों को एटीएम में कैश की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कहीं आपका आशियाना तो इन शहरों में तो नहीं है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा दिक्कत
अगर बात राज्यों की करें तो देश के कई बड़े राज्यों में कैश की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को एक बार फिर से नोटबंदी का दौर याद आने लगा है। गुजरात के वडोदरा शहर में लोगों को एटीएम में कैश की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लोगों को कैश की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कुछ इसी तरह के हालात बिहार, मध्यप्रदेश के भोपाल, तेलंगाना, झारखंड और दिल्ली में भी देखने को मिल रहे हैं।
केंद्र सरकार ने मांगा तीन दिन का समय
वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार के वित्त राज्य मंत्री का दावा है कि इस समस्या से तीन दिनों के भीतर पार पा लेंगे। वर्तमान में कैश करेंसी 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए हैं। उन्होंने कहा कि एक समस्या यह है कि किसी राज्य के पास ज्यादा करेंसी है और किसी के पास कम। सरकार ने राज्यवर समिति बनाई है। इसके अलावा आरबीआइ ने भी एक समिति बनाइ है जो एक राज्य से दूसरे राज्य में करेंसी ट्रांसफर करेंगे।
जरुरत का सामान नहीं खरीद पा रहे हैं लोग
दूसरी ओर कैश की हो रही किल्लत की वजह से आम लोगों को जरुरत का सामान खरीदने में भी मुसीबत होने लगी है। दिल्ली की रहने वाली स्वाति ने बताया कि कैश ना होने से वो दूध और सब्जी तक नहीं खरीद पाई हैं। वहीं नोएडा में रहने वाले दीपक के अनुसार दवा खरीदने के लिए जब वो नामी हॉस्पिटल के बाहर कैश निकालने गए तो वहां नो कैश का बोर्ड लगा हुआ था।
Published on:
17 Apr 2018 02:36 pm
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