
Flipkart-Walmart Deal: सौदे के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल पर CAIT
नई दिल्ली।कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने वालमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे के खिलाफ 28 सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का सोमवार को आह्वान किया है। सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक, "हम फ्लिपकार्ट-वालमार्ट सौदे के खिलाफ 28 सितंबर को भारत कारोबार बंद का आयोजना कर रहे हैं। हम सरकार से इस सौदे को रद्द करने की मांग करते हैं, क्योंकि यह क्षेत्र के खिलाफ है।" उन्होंने कहा, "हमने सौदे के खिलाफ सार्वजनिक समर्थन हासिल करने के लिए मेगा ट्रेडर्स विरोध मार्च जैसी अन्य गतिविधियों की योजना बनाई है।"
वाॅलमार्ट ने 2 अरब डाॅलर का किया है निवेश
इसके साथ ही सीएआईटी ने 28 सितंबर की हड़ताल के बाद 15 सितंबर को देशव्यापी रथयात्रा निकालने और 16 सितंबर को मेगा ट्रेडर्स रैली निकालने का आह्वान किया है। वालमार्ट ? ने शनिवार को घोषणा की थी कि उसने ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट ? के करीब 77 फीसदी शेयरों का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जबकि बाकी की हिस्सेदारी कंपनी के अन्य शेयरधारकों के पास है, जिसमें फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक बिनी बंसल, टेंसेंट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प शामिल है। वालमार्ट ने सौदे के बाद इक्विटी फंडिग के जरिए फ्लिपकार्ट में 2 अरब डॉलर का नया निवेश किया है। साथ ही भारत में फ्लिपकार्ट और वालमार्ट को अलग-अलग कंपनी के नाम से कारोबार जारी रखने की घोषणा की है।
77 फीसदी हिस्सेदारी का है सौदा
वहीं इसके पहले दोनों कंपनियों के बीच करीब एक लाख करोड़ रुपए का सौदा होने की बात सामने आ रही थी। जिसके लिए फ्लिपकार्ट के बोर्ड की ओर से मंजूरी मिली थी। इस डील में वॉलमार्ट भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी के 75 फीसदी शेयर खरीदा था। कयास तो ये भी लगाया जा रहा था कि इस डील एक अन्य इंटरनेशनल ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को बड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि फ्लिपकार्ट के साथ हो रही डीलल में पहले अमेजन का नाम भी सामने आ रहा था। लेकिन बाद में इसमें वॉलमार्ट ने बाजी मार ली थी। वॉलमार्ट यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी विस्तार योजना को बल देगा।
Updated on:
21 Aug 2018 08:19 am
Published on:
20 Aug 2018 08:53 pm
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