आमतौर पर सेस से प्राप्त रकम केंद्रीय सड़क एवं बुनियादी ढांचा कोष (सीआरआईएफ) में जाती है। वित्त वर्ष 2018-19 में पेट्रोल-डीजल पर सेस लगने से सरकार को 1,13,000 करोड़ रुपये की कमाई हुई। वित्त वर्ष में 2019-20 में सरकार इससे 1,27,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। लेकिन, अब यह पूरी रकम सीआरआईएफ में नही जायेगी।