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चीन ने फिर दिया अपने सबसे करीब दोस्त पाकिस्तान का साथ, सीपीईसी के लिए और कर्ज मांगाने की बात को नकारा

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, "यह पूरी तरह से झूठ है।"

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पाकिस्तान ने सीपीईसी के लिए और कर्ज नहीं मांगा : चीन

नर्इ दिल्ली। चीन ने बुधवार को उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया कि जिसमें कहा गया है कि अरबों की लागत वाली चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना को जारी रखने के लिए पाकिस्तान ने चीन से और कर्ज मांगा है। वास्तव में फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने चीन से सीपीईसी को जारी रखने के लिए और कर्ज देने को कहा था। यह परियोजना बीजिंग की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड पहल का हिस्सा है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जून 2018 वर्ष समाप्ति पर पाकिस्तान ने चीन से चार अरब डालर का कर्ज लिया था।

चीन ने किया है 50 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश
रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, "यह पूरी तरह से झूठ है।" उन्होंने कहा, "सच यह है कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री शमशाद अख्तर ने इस मसले पर सफाई देते हुए कहा है कि पाकिस्तान सीपीईसी निर्माण को जारी रखेगा।" बीजिंग ने सीपीईसी में 50 अरब डॉलर से ज्यादा रकम का निवेश किया है। इसके तहत चीन के शिनजियांग क्षेत्र को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ा गया है जिससे चीन को अरब सागर में अपनी पैठ बनाने में मदद मिलेगी।

भारत करता आ रहा है विरोध
वहीं दूसरी आेर भारत की आर्थिक गलियारे का विरोध करता आ रहा है। जानकारों की मानें तो इस आर्थिक गलियारे से चीन की पहुंच अरब सागर तक पहुंच जाएगी। जिससे चीन भारत के बंदरगाहों पर नजर रखने का मौका मिल जाएगा। वहीं भारत इस बात का भी विरोध कर रहा है कि इस यह गलियारा पाकिस्तान को मदद करने के लिए बनाया जा रहा है। साथ इसका रास्ता उस विवादित जमीन से होकर जा रहा है जहां पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। भारत के विशेषज्ञ इस बात को भी मानते हैं कि इससे भारत को बड़ा नुकसान होगा।