
नई दिल्ली। देश की वित्त मंत्री की ओर से कोरोना से लडऩे के लिए राहत पैकेज का ऐलान कर दिया गया है। सरकार ने देश को 1.70 लाख करोड़ रुपए दिए हैं। देश की जनसंख्या के हिसाब से हर व्यक्ति को तीन महीनों के लिए मात्र 1225 रुपए दिए गए हैं। अगर इसका हिसाब तीन महीनों के लिए हर दिन के हिसाब से निकाला जाए तो मात्र 4.5 रुपए बन रहा है। आइए आपको भी देश की आबादी के हिसाब से बताते कि आखिर कोरोना वायरस से लडऩे के लिए किनी सरकारी राहत मिली है।
प्रत्येक व्यक्ति को 1225 रुपए
अगले तीन महीनों के लिए सरकार की ओर से राहत पैकेज का ऐलान हुआ है। देश के हर तबके को इसमें जोडऩे की कोशिश की गई है। 1.70 लाख करोड़ रुपए के पैकेज को देश के प्रत्येक आदमी के हाथों में दे दिया जाए तो 1225 रुपए बन रहे हैं। यानी देश के लोगों को अगले तीन महीनों के लिए 1225 रुपए से लडऩा होगा। यानी हर महीने 408 रुपए के हिसाब खर्च करने को दिए गए हैं। अगर इन 3 महीनों को 90 दिनों में कंवर्ट किया जाए तो हर रोज सरकार की ओर से देश के लोगों को 4.5 रुपए दिए गए हैं।
चॉकलेट से भी कम कीमत की है राहत
अगर दिन की राहत को आधार माना जाए तो यह सरकारी राहत 5 रुपए की चॉकलेट से भी कम है। पांच रुपए में एक व्यक्ति को एक टाइम का खाना नसीब नहीं होता है। ऐसे में इस सरकारी राहत से कैसे लोगों को फायदा मिलेगा, यह तो सरकार ही बता सकती है। सरकार को इस पैकेज में थोड़ और इजाफा करना चाहिए था, ताकि देश के लोगों को अगले तीन महीनों तक किसी तरह की कोई परेशानी ना हो।
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बार्कलेज का था यह अनुमान
हाल ही में बार्कलेज ने यह अनुमान लगाया था कि इस 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से देश की जीडीपी को 9 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। इस नुकसान को देश के प्रत्येक व्यक्ति को बराबर बांट दिया जाए तो 6.58 लाख रुपए बैठ रहा था। ऐसे में आप खुद इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि इस संकट की घड़ी में राहत पैकेज ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है।
Published on:
26 Mar 2020 03:27 pm

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